Saturday, May 2, 2020

बढ़ती गर्मी के बीच बैतूल जिले में राहत की बौछारें,

इस बार लॉकडाउन ने लाेगाें के सामने राेजी-राेटी और अन्य तरह की परेशानी खड़ी कर दी। दूसरी ओर प्रकृति में कई फायदे भी हो रहे हैं। पहली बार बैतूल जिले की माचना नदी में अप्रैल तक पानी कलकल कर बह रहा है। पिछले साल और अन्य सालों में यह नदी फरवरी और मार्च में ही सूख जाती थी। जिले में पहली डैमाें से तीसरी फसल के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है। यह बदलाव सुखद हैं।

शाहपुर में माचना कल-कल बह रही है। दशकों बाद ऐसा हुआ। माचना में पानी का बहाव होने से तरबूज, खरबूज बाडिय़ों की हरियाली सहज ही लोगों के कदम रोक रही है। नदी के दोनों पक्के घाटों और दूसरे किनारे रामघाट से लगकर पानी बह रहा है। अच्छी बारिश और इसके बाद समय-समय पर हुई बारिश से माचना में पानी है तो लॉकडाउन में प्रदूषण कम होने से पानी साफ है। बढ़ते तापमान से घटने वाले जलस्तर को मेंटेन करने के लिए पंचायत बोरी बंधान की तैयारी में है।
2018 दिसंबर अंत में बंध गया था बोरी बंधान: कम बारिश से दिसंबर 2018 में ही जलसंकट होने लगा था। पंचायत ने तब बोरी बंधान बनाया था। मार्च अंत तक लोगों को निस्तारी सुविधा और पशु-पक्षियों को पानी मिलता रहा। बाद में नदी सूख जाने पर दशहरा उत्सव समिति ने गड्ढे करवाकर व्यवस्था की।

बंधान काे लेकर काम शुरू कर दिया है
माचना में ब्लॉक का सबसे बड़ा बोरी बंधान बनाया जाता रहा है। इस बार पानी अच्छा है, परिस्थिति को देखते हुए जलसंवर्धन के लिए इस बार भी बोरी बंधान बनाया जाएगा।

-मंगीता बाई, सरपंच शाहपुर



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Relief showers in Betul district amid rising heat,


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/shahapur/news/relief-showers-in-betul-district-amid-rising-heat-127267474.html

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