कोरोना संक्रमण काल में जहां सरकार ने किराएदार से भी जबरदस्ती मकान खाली कराने पर रोक लगा रखी है, वहीं नगर निगम ने शनिवार को चौकीदार का घर तोड़ दिया। परिवार में दो बच्चों समेत पांच लोग हैं। प्रशासन ने इनके रहने का भी इंतजाम नहीं किया। मामला जेल रोड के पास देवी अहिल्यामार्ग स्थित गणेश मंडल परिसर का है। यहां एमओएस में चौकीदार का घर था। शुक्रवार को व्यायाम शाला भी सील की थी।
शनिवार सुबह उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान रिमूवल गैंग को लेकर पहुंचे। उन्होंने टीम के साथ गणेश मंडल परिसर के दोनों गेट बंद किए। परिवार को निकालकर सारा सामान बाहर रखवा दिया। फिर जेसीबी से 20 मिनट में पूरा मकान ढहा दिया। पूनमचंद के बेटे सोनू यादव ने कहा- हमारा परिवार 62 साल से यहां रह रहा है। कमेटी वाले हमें हटाने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं। हम दो बार कोर्ट से केस जीत चुके हैं। हमने कोर्ट के आदेश की कॉपी भी जोनल कार्यालय में दी, लेकिन किसी ने हमारी सुनवाई नहीं की और हमें बेघर कर दिया।

व्यायामशाला के चलने की शिकायत थी : निगमायुक्त
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने कहा- कलेक्टर ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। उन्हें शिकायत मिली थी कि लॉकडाउन में व्यायामशाला में लोग आ रहे हैं। वहां शराब की बोतलें भी मिलीं। एमओएस में एक शेड था। उसे ही तोड़ने की कार्रवाई की गई।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-watchmans-house-was-broken-in-lockdown-family-on-the-road-127358641.html
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