शहर में लगातार कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद पूर्णतः लॉक डाउन कर दिया गया है। इस लॉक डाउन का असर बैंकों पर भी पड़ा है और शहर में पिछले 5 दिन से सभी बैंक बंद है, इसके साथ ही शहर के अधिकांश एटीएम में भी नगदी समाप्त हो गई है,जिससे लोग जरूरत के लिए नगदी को लेकर परेशान हो गए हैं। लोग नगदी निकालने के लिए शहर की बैंक और एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। वही कंटेनमेंट क्षेत्र होने के कारण लोग यहां से बाहर भी नहीं जा पा रहे हैं। वहीं जिला सहकारी बैंक के बंद होने से समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के वाले किसानों का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे वह भी परेशान है। इसके अलावा कंटेनमेंट क्षेत्र होने के कारण सब्जी मंडी बंद होने से पूरे शहर में सब्जी की किल्लत हो गई है।
दरअसल रोहिरा परिवार और गुप्ता परिवार में कोरोना संक्रमितों की संख्या में हो रहे इजाफा के चलते प्रशासन द्वारा पूरे शहर में पूर्णतः लॉक डाउन कर धारा 144 लगा दी गई है। इसके साथ ही शहर के अधिकांश हिस्सा कंटेनमेंट जोन में शामिल हो जाने के कारण उसे बेरीकेड्स लगाकर सील कर दिया गया और पूरी तरह से लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। इसमें बैंकों के खोले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया और सोमवार से एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, जिला सहकारी बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक नहीं खुली है। इसके साथ ही एटीएम बूथों में रुपए न डाले जाने के कारण शहर के सुभाषगंज,जवाहर के एटीएम बूथ खाली हो गए हैं। वहीं सराफा बाजार,मंगला रोड, ठाकुर बाबा के एटीएम कंटेनमेंट जोन होने केे कारण लोग वहां तक पहुंच नहीं पा रहे। जिसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं।
पांच दिन से सब्जी के लिए तरस रहे लोग
शहर में पांच दिन से कंटेनमेंट जोन में होने के कारण सब्जी मंडी को भी बंद करा दिया गया है। जिसकी वजह से न तो बाहर से यहां सब्जी आ रही है और न ही हाथ ठेला वालों को भी सब्जी नहीं मिल पा रही है। हाथ ठेला वालों के माध्यम से ही सब्जी घरों तक पहुंच रही थी। लेकिन सब्जी मंड होने के कारण लोग सब्जी तक के लिए तरस रहे हैं।
सहकारी बैंक बंद होने से किसान परेशान
शहर में सुभाषगंज क्षेत्र में गीता टॉकीज चौराहा से अग्रसेन चौराहा तक का क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसी क्षेत्र में जिला सहकारी बैंक भी है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वालों का भुगतान भी इसी बैंक से किया जाता है। लेकिन पांच दिन से बैंक बंद होने के कारण किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से किसान भी परेशान हो रहे हैं।
बैंक और एटीएम के काटे चक्कर, उधारी से चला काम
विमला बाई, निवासी खेरी के मुताबिक, अपनी बहू का ऑपरेशन कराना है, जिसके चलते रुपयों की जरूरत है। बैंक बंद होने के कारण पहले सुभाषगंज स्थित एटीएम पर रुपए निकालने पहुंची, पर एटीएम खाली मिला तो बस स्टेंड क्षेत्र के एटीएम पर पहुंची पर उन एटीएम पर भी राशि नहीं थी, जिसके चलते मजबूरी में अपने रिश्तेदार से रुपए उधार लेने पड़े। अगर बैंक और एटीएम में रुपए मिल जाते तो परेशान नहीं होते।
जरूरी सामान खरीदने के लिए भी नहीं बचे रुपए
रामप्रकाश सिंह, निवासी ठाकुर बाबा रोड के मुताबिक, ठाकुर बाबा रोड कंटेनमेंट क्षेत्र में होने के कारण एटीएम से व बैंक से रुपए नहीं निकाल पा रहे हैं। क्योंकि इस क्षेत्र के सभी एटीएम खाली पड़े हुए हैं। बाहर के एटीएम तक जाने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा निकलने नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि जरूरी सामान खरीदने तक के लिए रुपए नहीं बचे हैं। न ही प्रशासन की तरफ से कोई पूछपरख की जा रही है। फिलहाल तो समय काट रहे हैं।
8 एटीएम में रुपयों के लिए कार्ड डाला, नहीं थे रुपए
आयुष सिंह, निवासी लक्ष्मी कॉलोनी के मुताबिक, किराने का सामान खरीदने और अन्य जरुरतों के लिए रुपयों की जरूरत थी, लेकिन शहर के करीब 8 एटीएम तक जाने के बाद भी नगदी नहीं मिली, जिसके चलते परेशान हुई। जरूरत का छोटा सामान खरीदने के लिए या बीमारी जैसी इमरजेंसी में नगदी की सख्त जरूरत होती है। ऐसे में ऑनलाइन भुगतान भी कई बार नहीं हो पाता और नगदी के भरोसे ही इस तरह के काम हो पाते हैं।
साेमवार से बाजार खोलने का किया जा रहा है विचार
नवनीत शर्मा, तहसीलदार, डबरा के मुताबिक, संक्रमितों के मिलने के चलते कंटेनमेंट जोन क्षेत्र घोषित किए गए हैं। इसी वजह से बैंक बंद कराए जाने के लिए कहा है। बाजार में दुकानें खोलने के लिए विचार किया जा रहा है। सोमवार को इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। लोगों के सहयोग से ही इस बीमारी से निपटा जा सकता है। बीमारी को लेकर लोग सर्तकता बरतें और घर से बाहर न निकलें। इस तरह ही कोरोना बीमारी को हराना मुमकिन है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/bank-closed-in-container-area-no-cash-in-atm-farmers-are-worried-for-wheat-payment-127327615.html
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