लॉकडाउन के दौरान भी जिले में रेत का अवैध उत्खनन रुका नहीं है। रात के अंधेरे में पनडुब्बी और पोकलेन मशीनों को सिंध नदी में उतार कर धड़ल्ले से रेत निकाला जा रहा है। मंगलवार-बुधवार की रात अचानक चंबल डीआईजी राजेश हिंगणकर, भिंड एसपी नगेंद्र सिंह ने पुलिस फोर्स व माइनिंग की टीम को लेकर अतरसूमा और इंदुर्खी खदानों पर छापा मारा। कार्रवाई में एक पोकलेन और दो डंपर पकड़े। दो पनडुब्बियों को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया गया। हालांकि इस दौरान रेत माफिया भाग गया। अवैध उत्खनन के इसी मामले में बुधवार की शाम एसपी नगेंद्र सिंह ने ऊमरी, रौन और अमायन थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है ऊमरी और रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खदानों पर रात के समय रेत के अवैध उत्खनन की शिकायतें पुलिस के आला अधिकारियों तक लंबे समय से मिल रही थीं लेकिन जब भी थाने का फोर्स कार्रवाई करने जाता तो उन्हें कुछ नहीं मिलता। ऐसे में चंबल डीआईजी हिंगणकर ने गोपनीय प्लान बनाया। मंगलवार की रात 11 बजे अचानक भिंड आकर उन्होंने पुलिस फोर्स ओर माइनिंग की टीम को बुला लिया। इसके बाद वे सीधे रौन थाना क्षेत्र में आने वाले इंदुर्खी कछार घाट पर पहुंचे, जहां पोकलेन मशीन से रेत निकाला जा रहा था। पुलिस फोर्स देखकर रेत माफिया भाग खड़ा हुआ। हालांकि पुलिस ने पोकलेन मशीन जब्त कर ली, जिसे इंदुर्खी चौकी में रखवाया गया है।
अमायन थाना क्षेत्र से दो डंपर पकड़े
अमायन थाना क्षेत्र से दो डंपर पकड़े, जिन्हें थाना परिसर में रखवाया गया है। यह टीम अन्य खदानों पर भी पहुंची लेकिन तब तक यह सूचना माफिया तक पहुंच गई। सुबह करीब 4 बजे टीम ऊमरी थाना सीमा में आने वाली अतरसूमा खदान पर पहुंची जहां पुलिस को नदी में पड़ी दो पनडुब्बियां मिलीं, जिन्हें पुलिस ने जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया। इस कार्रवाई में डीआईजी और एसपी के साथ डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश दुबे, भारौली, ऊमरी, नयागांव और रौन के पुलिस फोर्स के अलावा माइनिंग इंस्पेक्टर विजय चक्रवर्ती शामिल रहे।
रौन, ऊमरी और अमायन थाना प्रभारी निलंबित, जांच के आदेश
इंदुर्खी, अतरसूमा और अमायन क्षेत्र में मिले अवैध उत्खनन को लेकर एसपी ने थाना प्रभारियों को जिम्मेदार माना है। उन्होंने बुधवार की शाम रौन थाना प्रभारी संजीव नयन शर्मा, ऊमरी थाना प्रभारी महेश शर्मा और अमायन थाना प्रभारी जितेंद्र तोमर को निलंबित कर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया। साथ ही उनके विरूद्ध जांच के आदेश दिए हैं।
पहले ही होना थी कार्रवाई: कुशवाह
पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बहुत पहले हो जाना चाहिए थी। ग्रामीणों के नाम दबंग ओर रेत माफिया नदी का सीना छलनी कर रहे थे। पूर्व विधायक ने इस मामले में डीआईजी को फोन पर धन्यवाद भी दिया है।
अनर्गल बातचीत पर सिटी टीआई और निष्क्रियता पर गोहद टीआई लाइन अटैच
बुधवार को पुलिस कप्तान नगेंद्र सिंह ने थाना प्रभारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जिसके तहत शहर कोतवाली टीआई उदयभान यादव और गोहद थाना टीआई अशोक कुमार इक्का को भी लाइन अटैच किया गया है। इनके अलावा गोहद थाना के प्रधान आरक्षक कमल किशोर को भी लाइन भेज दिया गया है। दरअसल कुछ दिनों पहले शहर कोतवाली में एक पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद इसी मामले को लेकर शहर कोतवाली टीआई उदयभान यादव किसी से बातचीत कर रहे थे, जिसका वीडियो किसी के द्वारा बनाकर उसके स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरस कर दिए गए। हालांकि इस मामले में सिटी टीआई यादव ने व्हाट्सएप ग्रुप पर खंडन भी किया था। लेकिन एसपी नगेंद्र सिंह ने इसे गम्भीरता से लेते हुए इसे दुराचरण और अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं। इसी प्रकार गोहद टीआई अशोक कुमार इक्का को निष्क्रियता के चलते लाइन अटैच किया गया है। जबकि गोहद थाना के प्रधान आरक्षक कमल किशोर को शिकायतों के चलते लाइन भेजा गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/the-dig-raided-two-sand-mines-in-the-night-caught-a-pokalane-and-two-dumpers-burnt-two-submarines-charged-with-negligence-on-raun-amayan-and-umari-police-station-127299587.html
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