लॉकडाउन के कारण सैलानियों के आने पर रोक है। एसटीआर में वन्यप्राणी इस समय खुलकर घूम रहे हैं। गर्मी में भी वन्यप्राणियों को पानी की समस्या नहीं है। एसटीआर में 150 से ज्यादा जलाशय-पोखर हैं। वहीं गर्मी में देनवा और तवा के बैकवॉटर से भी वन्यप्राणी अपनी प्यास बुझा रहे हैं। एसटीआर में बाघों के शावक दौड़ लगा रहे हैं, तो हिरणों का झुंड भी उछलकूद कर रहा है। एसटीआर की पेट्रोलिंग टीम को जहां-तहां वन्य प्राणी घूमते हुए मिल रहे हैं। एसटीआर में इस समय नजारा बदला हुआ है। यहां बाघ, तेंदुए, बायसन, हिरणें खुलकर घूम रहे हैं। हिरणाें का झुंड पानी पीने जलाशयाें के पास जा रहे हैं। इस दाैरान वे जमकर उछलकूद करते हैं। वहीं कान्हा से आई बाघिन के दाे शावक भी जमकर मस्ती कर रहे हैं। बायसन भी झुंड में घूम रहे हैं। एसटीआर की टीम उन्हें अपने माेबाइल के कैमरे में कैद भी कर रही है। एसटीआर के क्षेत्र संचालक एसके सिंह ने बताया कि दाे माह से पर्यटक यहां नहीं है। लाेगाें की आवाजाही बंद है। ऐसे में वाहनाें का अंदर जाना भी बंद है। सिर्फ पेट्राेलिंग वाहन ही जा रहे हैं। इस कारण वन्यप्राणियाें काे यहां खुलकर घूमने का पूरा माैका मिल रहा है।
बाघों की गणना पूरी, हटने लगे कैमरे
बाघाें की गणना पूरी हाे गई है। एसटीआर में करीब 700 कैमरे लगे हैं। अब इन कैमराें काे हटाने का काम शुरू हाे गया है। पिछले बार 48 बाघ थे। अब इस साल 50 पार हाेने का अनुमान है। बाघाें के शावकाें काे नहीं गिना जाएगा लेकिन अगले साले हाेने वाली गणना में इन्हें भी शामिल कर लिया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/more-than-150-reservoirs-in-the-str-the-thirst-of-wildlife-quench-from-the-backwaters-of-denwa-and-tawa-in-summer-127290032.html
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