कोरोना वायरस का असर
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के कारण डीजल टेंपो और ऑटो चालकों को परिवहन विभाग ने मोहलत प्रदान कर दी है। सड़क सुरक्षा समिति में लिए गए निर्णय के तहत एक अप्रैल से डीजल से चलने वाले टेंपो और ऑटो पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके लिए ऐसे वाहन चालकों को डीजल वाहनाें को सीएनजी में रिप्लेस करने के लिए कहा गया था लेकिन कोरोना के चलते 25 अप्रैल से लॉकडाउन चल रहा है इसलिए परिवहन विभाग ने डीजल टेंपो और ऑटो चालकों को माेहलत दे दी है।
शहर में अभी 1 हजार से अधिक टेंपो और 8 हजार ऑटो चल रहे हैं। इनमें से 125 डीजल टेंपो और 2 हजार डीजल ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जबकि इनकी आड़ में 1000 से अधिक अवैध डीजल टेंपो और ऑटो संचालित हो रहे हैं। आरटीओ डॉ. एमपी सिंह का कहना है कि लंकडाउन खुलने और स्थितियां सामान्य होने के बाद एक बार बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद डीजल टेंपो और ऑटो चालकों को सीएनजी वाहन खरीदने के लिए मोहलत दी जाएगी। साथ ही अंतिम तारीख तय की जाएगी।
धुआं फैलाने के कारण डीजल टेंपो और ऑटो किए जा रहे बाहर
परिवहन विभाग और प्रदूषण कार्यालय द्वारा डीजल टेंपो और ऑटो की जांच में यह खुलासा हुआ था कि 80 फीसदी ऐसे वाहन मानक से दोगुना अधिक धुआं फेंक रहे हैं, जिस कारण शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसी के चलते शहर से डीजल टेंपो और ऑटो को बाहर करने का निर्णय परिवहन विभाग ने लिया था। लेकिन अभी कुछ दिनाें के लिए मामला अधर में अटक गया है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-diesel-powered-tempo-and-auto-will-not-be-out-of-town-yet-071604-6984266.html
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