Tuesday, April 28, 2020

खुद के मजूदरों को एमपी की सीमा में खदेड़ रही यूपी पुलिस, बाॅर्डर से लगा सागर जिला परेशान

सागर जिले से लगी यूपी की सीमा पर यूपी पुलिस खुद के ही मजदूराें काे छाेड़कर जा रही है। यह मजदूर विभिन्न राज्याें या मप्र के शहराें से यूपी में चले गए थे, यह सभी यूपी के निवासी भी है। यूपी बार्डर के 150 किमी. तक भीतर जाने के बाद भी यूपी पुलिस उन्हें खदेड़ते हुए एमपी सीमा में छाेड़ गई। जंगल के रास्ते भी पुलिस मजदूराें काे एमपी में वापस भेज रही है। सभी मजदूराें की जिम्मेदारी एवं खतरा सागर जिले के मालथाैन, बांदरी, खिमलासा पर आ रहा है। यूपी पुलिस सख्त है, वह मजदूराें काे अपने प्रदेश में रखना नहीं चाहती है, जबकि मजदूर यूपी के ही निवासी हैं।

केस-1: बीती रात 14 लोगों कोबालावेहट में पकड़कर जंगल में छोड़ा

बीती देर रात इंदाैर से यूपी के पाॅली गांव जा रहे चाैरसिया समाज के 14 लाेगाें काे बालावेहट में पकड़कर यूपी पुलिस खदेड़ते हुए ट्रेक्टर ट्राॅली में भरकर जंगल के रास्ते से खिमलासा छाेड़ गई। उनके साथ बच्चे थे, वह खाने, दूध की गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस ने नहीं सुना, अभद्र भाषा का प्रयाेग करती रही। सूचना मिलने के बाद खिमलासा थाना प्रभारी कृपाल सिंह मार्काे माैके पर पहुंच गए, उन्हाेंने बालावेहट के थाना प्रभारी से बात की। मजदूराें काे इस तरह एमपी बाॅर्डर में दाखिल कराने पर ऐतराज जताया। इस पर बालावेहट थाना प्रभारी ने कहा कि आपकी जिम्मेदारी हैं, संभालें। खाना खिलाएं, स्वास्थ्य परीक्षण कराएं , हम किसी काे घुसने नहीं देंगे, जाे भी प्रयास करेगा वापस कर दिया जाएगा। इसकेबाद थाना प्रभारी खिमलासामार्काे सभी काे लेकर खिमलासा आए, भाेजन की व्यवस्था की। दाेपहर का भाेजन भी कराया। अारक्षक गजेन्द्र यादव स्वयं के घर रखा दूध बच्चाें के लिए ले गए।

केस-2 : दो दिन पहले महावतपरिवार को भूखा प्यासा छोड़ा
मालथाैन के अटा-अमझराघाटी एमपी-यूपी बाॅर्डर पर दाे दिन पहले महावत परिवार काे यूपी पुलिस भूखा, प्यासा छाेड़ गई थी। यह परिवार हाेशंगाबाद से झांसी पहुंच गया था, इसे जालाैन के उरई गांव जाना था। लेकिन परिवार के 45 लाेगाें काे ट्रक में भरकर एमपी बार्डर पर छाेड़ दिया गया। उसके बाद परिवार बाॅर्डर पर डेरा डाले हुए था। मंगलवार काे दाेपहर में इस परिवार ने दाेबारा यूपी बाॅर्डर से भीतर जाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ दूरी पर जाते ही पुलिस सक्रिय हाे गई और वापस खदेड़ दिया। परिवार परेशान हाे चुका है।

केस-3: यूपी में पांच किमी अंदर पहुंचे, पुलिस ने भगाया
मालथाैन के अटा-अमझराघाटी एमपी-यूपी बाॅर्डर पर मजदूराें का एक झुंड यूपी में प्रवेश के लिए मंगलवार काे प्रयास कर रहा था। करीब पांच किमी. भीतर तक चला गया। सभी यूपी के निवासी हैं, लेकिन पुलिस मिलते ही इन लाेगाें काे सामान सहित वापस आना पड़ा। झांसी में एक पाॅजीटिव केस मिलने के बाद सख्ती और बढ़ा दी गई है।

केस-4: झांसी पहुंचने के बाद पिकअप से मालथौन बार्ड भेजा
महाराष्ट्र के पालघर में मजदूरी करने वाले यूपी निवासी मजदूराें काे अपने घर बलरामपुर जिले में जाना था। लेकिन मजदूराें काे दाे दिन पहले झांसी पहुंचने के बाद 150 किमी. वापस पिकअप वाहन से मालथाैन बाॅर्डर से भेज दिया गया। उसके बाद सुबह दूसरे रास्ते की तलाश में पिकअप पलट गया, जिसमें कुछ लाेग घायल हाे गए। उसके बाद बाकी लाेगाें ने जाने का एक फिर प्रयास दूसरे रास्ते से किया, लेकिन असफलता ही मिली। पुलिस ने नदियाें में भी सख्ती लगा रखी है। इसके अलावा भी इस तरह के कई मामले देखने में आरहे हैं।

खिमलासा थाना प्रभारी बोले: मजदूराें काेछाेड़कर जा रहे हैं,यह ठीक नहीं है

खिमलासा थाना प्रभारी कृपाल मार्काे का कहना है कि यूपी बाॅर्डर के जंगल से पुलिस लाेगाें काे छाेड़कर जा रही है, एेसा लगातार हाे रहा है। यह ठीक नहीं है। सभी यूपी के मजदूर हैं, उन्हें इन्हें लेना चाहिए, वह क्वारेंटाइन करें। मजदूराें काे यूपी भेजने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियाें काे भी अवगत कराया है। यूपी पुलिस अादेशात्मक लहजे में बात कर रही है, समझने काे तैयार नहीं है, अपना पल्ला झाड़ रही है।
राज्य सरकारों की अपनी अपनी रणनीती: आईजी
संभागायुक्त, अजय गंगवार का कहना है कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया। काेराेना की राेकथाम के लिए राज्य सरकाराें की अपनी-अपनी रणनीति है। इस संबंध में यूपी के अफसराें से बात करेंगे।
ललितपुर एसपी ने जिलेवार मजदूरों की सूची मांगी है
दाे दिन पहले मुझे ऐसी जानकारी मिली थी। तब मेरी ललितपुर एसपी से बात हुई थी। उन्हाेंने मजदूराें की जिलेवार सूची मांगी थी और कुछ मजदूराें काे ले भी लिया था। अब यूपी सरकार ने क्या निर्णय लिया यह पता नहीं। -अमित सांघी, एसपी

मुख्यमंत्री याेगी 24 अप्रैलकाे मजदूराें काे लाने कीघाेषणा कर चुके हैं

यूपी के मुख्यमंत्री याेगी अादित्यनाथ 24 अप्रैल काे अन्य राज्याें में फंसे यूपी के मजदूराें काे वापस लाने की घाेषणा कर चुके हैं। वह अधिकारियाें काे भी मजदूराें की सूची बनाने काे कह चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार पहले भी दिल्ली की सीमा पर छाेड़ गए हजाराें श्रमिकाें काे राेडवेज बसाें से उनके घर पहुंचा चुकी है, राजस्थाना के काेटा से बच्चाें काे यूपी लाैटाया जा चुका है। उसके बाद एमपी की मालथाैन, खिमलासा बाॅर्डर पर मजदूराें के साथ दाेहरा व्यवहार क्याें किया जा रहा है। जबकि यूपी सरकार के पास भी क्वारेंटाइन की व्यवस्था है।



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खुरई में मालथाैन के अटा-अमझराघाटी एमपी-यूपी बाॅर्डर पर यूपी पुलिस तैनात रही, किसी काे भी भीतर नहीं जाने दिया।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/up-police-pushing-their-own-existents-in-mp-border-127256527.html

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