लॉकडाउन के चलते सरकारी और प्राइवेट स्कूलाें ने वाट्सएप पर और विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से जो लोग बच्चों की किताबें नहीं खरीद पाए थे,वह परेशान हैं। अगर लॉकडाउन 14 अप्रैल को खुल जाता है तो किताबों की दुकानों पर भीड़ लगना तय है। इसके लिए भी पुलिस और प्रशासन को तैयारी करना होगी। हालांकि वाट्सएप पर और ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और होमवर्क देने वाले स्कूलों ने छात्रों को मैसेज कर स्पष्ट कहा है कि जो भी पढ़ाई कराई जा रही है उसके लिए सिलेबस की किताबों को लाना तुरंत आवश्यक नहीं है। लेकिन इसके बावजूद बच्चे अभिभावकों से किताबों की मांग कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन अभिभावकों को है जिनके बच्चे प्राइमरी तक की कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। यह बच्चे होमवर्क और स्टडी मटेरियल मिलने के बाद भी लगातार किताबों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों के पास अभिभावकों के पास फोन आ रहे हैं कि किताबें कैसे मिलेंगी। हालांकि शिक्षक अभिभावकों को समझा रहे हैं कि अभी जो पढ़ाई कराई जा रही है उसमें सिलेबस से संबंधित किताबें खरीदने की कतई आवश्यकता नहीं है। लेकिन बच्चों की जिद के आगे अभिभावक मजबूर हैं और किताब की दुकानें खुल नहीं रही हैं इससे वह परेशान भी हैं।
वाट्सएप पर स्टडी मटेरियल भेजा है
मेरे बेटा कक्षा 1 में हैं, वाट्सएप पर स्कूल की ओर से स्टडी मटेरियल भेजा गया है साथ ही रिवीजन के लिए कहा है लेकिन बच्चा नई किताबों की जिद कर रहा है।- देवेंद्र कुमार, अभिभावक,दौलतगंज
बच्चे बोर हो रहे हैं
स्कूल बंद होने से बच्चे घर में बोर हो रहे हैं। स्टडी मटेरियल तो मिल गया, लेकिन बच्चे स्कूल जाने की जिद कर रहे हैं। -बॉबी मिश्रा, अभिभावक, माधव नगर
हायर सेकंडरी और हाईस्कूल के छात्रों के लिए सीडी तैयार होगी, केबल पर चलेगी
ग्वालियर|हायर सेकंडरी और हाईस्कूल के छात्रों को लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई करवाने के लिए अब स्कूल शिक्षा विभाग सीडी तैयार करवा रहा है। यह सीडी कठिन विषयों की हैं, इनको प्रत्येक जिले में भेजा जाएगा वहां पर इन सीडी को केबल ऑपरेटर के माध्यम से प्रसारित करवाया जाएगा। इसके लिए एक समय भी निर्धारित होगा। इसकी सूचना सभी स्कूलों के प्राचार्यों को दी जाएगी ताकि वह छात्रों तक इसकी सूचना पहुंचा दें। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन की वजह से अप्रैल में छात्रों की कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए स्कूलों के वाट्सएप ग्रुप बनवाए हैं। इसके अलावा ऐसे टॉपिक भी देखे जा रहे हैं, जिनमें शिक्षकों के सामने रहने पर छात्रों की समझ में ज्यादा आता है। ऐसे कठिन टॉपिक की सीडी तैयार करवाई जा रही हैं।
गणित और विज्ञान नहीं आ रहे समझ
कक्षा 9 में पढ़ने वाली अन्नपूर्णा सिंह तोमर का कहना है कि जो स्टेडी मटेरियल मिला है, उससे आर्ट्स साइड के विषय तो पढ़े जा सकते हैं, लेकिन गणित और साइंस नहीं पढ़ पा रहे हैं। प्रश्नों के हल मिलने मात्र से गणित की समस्या का समाधान नहीं सकता है। इसे समझने की जरूरत होती है। यही कहना है कि कक्षा 6 में पढ़ने वाले आदित्य सिंह भदौरिया का। आदित्य का कहना है कि कक्षा 6 का गणित, कक्षा 5 से बहुत अपग्रेड है। ऐसे में उसे कैसे सॉल्व किया जाए, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं घर में रहते-रहते पूरी तरह से बोर हो गए हैं। अब तो स्कूल खुलने चाहिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/schools-start-online-children-up-to-primary-are-insisting-on-books-127151113.html
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