Friday, April 3, 2020

पहली बैठक में नहीं बुलाए कांग्रेस विधायक भाजपा नेताओं काे बुलाने पर हो गया विवाद


{ बिना राशन कार्ड वाले परिवारों को भी मिलेगा दस किलो आटा

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए चल रहे लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों तक राशन सामग्री और खाना पहुंचाए जाने के लिए शुक्रवार को कलेक्टोरेट में हुई बैठक राजनीतिक विवाद में आ गई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के 14वें दिन हुई इस बैठक में अफसरों ने विधायक एवं दो सप्ताह पहले तक मंत्री रहे लाखन सिंह व ग्वालियर दक्षिण विस के विधायक प्रवीण पाठक को बुलाया नहीं। जबकि, बैठक में विधायक सदस्यता से इस्तीफा दे चुकीं इमरती देवी, भाजपा के शहर अध्यक्ष देवेश शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष वीरेंद्र जैन व दूसरे भाजपा नेताओं को बैठाकर राशन वितरण व्यवस्था पर चर्चा और निर्णय हुए। इस दौराएन तय हुआ कि बिना राशन कार्ड वाले गरीबों को भी दस किलो आटा प्रति परिवार दिया जाएगा। बैठक में सांसद विवेक शेजवलकर, ग्रामीण विधायक भारत सिंह कुशवाह ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से कहा कि हर क्षेत्र में प्रशासनिक टीम की मदद से सभी जरूरतमंदाें का पता लगाया जाए और उन तक हर संभव मदद पहुंचाई जाए।

तीन-तीन दिन बंटेगा राशन : बैठक में तय हुआ कि शहर की 232 राशन की दुकानों पर सप्ताह के पहले तीन दिन राशन कार्ड वाले और अगले तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को एपीएल कार्डधारी, बिना पर्ची वाले सहित अन्य को प्रति परिवार दस-दस किलो आटा दिया जाएगा।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का असर

मुझे बैठक की काेई सूचना नहीं दी गई


- लाखन सिंह, विधायक एवं पूर्व मंत्री, कांग्रेस

अफसराें काे पक्षपात नहीं करने देंगे


- प्रवीण पाठक, विधायक



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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-dispute-over-calling-of-congress-mla-bjp-leaders-not-called-in-first-meeting-071050-6966366.html

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