लॉकडाउन 2 में इंडस्ट्रीज सेक्टर को प्रॉडक्शन के लिए राउंड वाइज शुरू किए जाने की अनुमति दी जाएगी। तीन राउंड में अलग-अलग सेक्टर की इंडस्ट्रीज को परमिशन मिलेगी। इसके लिए मोतीमहल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में सोमवार को हेल्प डेस्क बनाई जाएगी।
जहां इंडस्ट्रीज, प्रॉडक्ट, वर्कर संख्या-नाम, कच्चा मटेरियल आने की जानकारी और तैयार सामान को भेजने की जानकारी के साथ आवेदन लिए जाएंगे। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, पहले राउंड में उन उद्योगों को परमिशन मिलेगी, जो कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े हैं। जिसमें फूड की सभी यूनिट, दवा और मेडिकल सर्विस से जुड़े प्रॉडक्ट तैयार करने वाली इंडस्ट्रीज शामिल रहेंगी। साथ ही इनसे जुड़ी पैकेजिंग व सप्लाई सिस्टम की कंपनी को भी काम करने की परमिशन दी जाएगी। लेकिन किसी भी फैक्टरी की एक पाली में 30 प्रतिशत से ज्यादा स्टाफ से काम नहीं कराया जा सकेगा। रविवार को संभागीय आयुक्त एमबी ओझा ने इसके लिए अधिकारी व इंडस्ट्रीज सेक्टर के कारोबारियों के साथ बैठक कर सरकार के निर्देश भी बताए और कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ तो वह परमिशन तत्काल निरस्त होगी। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एसपी नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, एमपीआईडीसी के ईडी सुरेश शर्मा, चेंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल समेत अन्य लोग मौजूद थे।
इस तरह व्यवस्था बनाकर शुरू हो सकेगा इंडस्ट्रीज सेक्टर
- फूड व दवा और मेडिकल आइटम बनाने वाली ज्यादातर यूनिट बंद हैं और पहले राउंड में इन्हीं यूनिट्स को चालू करने पर जोर दिया गया है। ताकि, फूड व मेडिकल सेक्टर में किसी भी सामान की कमी न पड़ सके। यूनिट प्रबंधन को ये व्यवस्था करनी होगी कि अधिक से अधिक स्टाफ यूनिट कैंपस में ही रहे और उनको समय-समय पर सेनिटाइज्ड किया जाए।
- चेकअप कराया जाता रहे। यदि उन्हें लाना और छोड़ना पड़ता है तो उसमें सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखा जाए।
- दूसरे राउंड में ऐसी यूनिट चालू करने के लिए अनुमति दी जाएगी, जिनमें 20-25 लोगों का स्टाफ काम करता है। इस दायरे में सबसे ज्यादा यूनिट घरेलू उपयोग में आने वाले सफाई प्रॉडक्ट, पशु चारे आदि की मानी जा रही हैं। अफसरों का कहना है कि कोशिश की जाएगी कि वे अपने स्टाफ को कैंपस में ही रखने का इंतजाम करके काम कराएं। यदि रोजाना लाने-ले जाने की व्यवस्था करते हैं तो संबंधित क्षेत्र के इंसीडेंट कमांडर्स और थाने को जानकारी देनी होगी। इस कैटेगरी की कई यूनिट शहरी क्षेत्र में ही मौजूद हैं।
- अंतिम राउंड में सभी प्रकार की यूनिट्स काे अनुमति देने का काम किया जाएगा। ताकि मालनपुर, बानमोर, तानसेन नगर और बाराघाटा की बड़ी इंडस्ट्रीज का काम भी फिर पटरी पर लौट सके। क्योंकि, कई बड़े मल्टीनेशनल ग्रुपों ने इस इंडस्ट्रियल एरिया में अपनी यूनिट स्थापित की हुई हैं और इनमें कामगारों की संख्या हजारों में है। इनके लिए कामगार परिवहन व प्रॉडक्शन पर प्रशासन द्वारा सख्त निगाह रखने की तैयारी की गई है।
ये रहेंगे नियम... जरा सी चूक की तो अनुमति निरस्त
- किसी भी यूनिट में 30 प्रतिशत से ज्यादा स्टाफ एक पाली में काम नहीं कर सकेगा।
- काम करने वाले सभी स्टाफ की हेल्थ टेस्टिंग गेट पर कराई जाएगी। सेनिटाइज्ड कर बिना मास्क, ग्लब्ज के काम नहींकराया जाएगा।
- ज्यादा से ज्यादा स्टाफ को यूनिट कैंपस में ही रखा जाए और वहीं पर खान-पान का इंतजाम रहे। उन्हें बाहर न निकलने दिया जाए।
- जिन लोगों को यूनिट प्रबंधन ग्वालियर या आसपास के क्षेत्र से काम के लिए बस के जरिए ले जाया जाए। उनके नाम की सूची, बस का नंबर और ड्रायवर का नाम व नंबर प्रशासन के पास जमा कराना होगा। एक बस में 15 से 20 लोग ही जाएंगे। बस में मेडिकल सुरक्षा के सभी इंतजाम हो।
- यूनिट में काम करने वाले सभी लोगों की लिस्ट क्षेत्र के इंसीडेंट कमांडर्स या प्रशासनिक अधिकारी को उपलब्धकराई जाए।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/industries-to-start-in-three-rounds-first-food-pharmaceutical-and-related-industries-will-be-allowed-127201786.html
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