राज्य व जिले की सीमा सील है लेकिन बाहर से आने वाले लोग अभी भी आते जा रहे हैं। शनिवार को जयपुर से 40 लोग रेलवे पटरी के सहारे आलोट रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए। लेकिन रेलवे ने इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी। नतीजा सभी लोग बिना जांच के लिए नीमन के लिए रवाना हो गए।
अचानक हुए लॉकडाउन और बेरोजगारी के चलते लोग वापस अपने घर लौट रहे हैं। वाहनों से आवाजाही बंद होने के कारण लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार रात 40 लोग राजस्थान के चौमहला में रात बिताने के बाद शनिवार सुबह 11 रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां ये करीब एक घंटे तक रुके रहे, लेकिन असिस्टेंट स्टेशन मास्टर रजनीश मीणा ने इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी। बिना जांच के ही सभी पैदल नीमन के लिए रवाना हो गए। लवली ग्रुप सदस्यों ने जयपुर से आए लोगों को भोजन सामग्री मुहैया कराई। मामले में एसडीएम चंदरसिंह सोलंकी ने कहा रेलवे प्रशासन ने हमें कोई जानकारी नहीं दी। बाहर से आने वालों पर निगाह रखी जा रही है। इधर रेलवे के कोटा डीसीएम विजय प्रकाश ने कहा ऐसी लापरवाही गलत है। स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए थी। रेलवे की सुरक्षा विंग को आगे से सतर्क रहने के आदेश देंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/with-the-help-of-the-rail-tracks-40-people-reached-alot-on-foot-from-jaipur-the-railways-did-not-even-report-127195665.html
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