Tuesday, April 28, 2020

एक शिक्षक की तबीयत बिगड़ी, तो सभी ने रोका मूल्यांकन, विरोध में 3 घंटे चला हंगामा

जिला प्रशासन के द्वारा शिक्षकों से उनके घरों के बजाए केंद्र पर बुलाकर बोर्ड कक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। एक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक को सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत होने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होना पड़ा। उसके भर्ती होने से नाराज शिक्षक मंगलवार की सुबह एकत्र हुए और हंगामा करते हुए केंद्र में मूल्यांकन करने का विरोध किया। इस दौरान अधिकारियों ने सभी को समझाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद सभी मूल्यांकनकर्ता अपने-अपने घर चले गए।
जानकारी के अनुसार सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत होने पर एक मूल्यांकनकर्ता को ड्यूटी डॉक्टर ने कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज मानते हुए सोमवार की रात को प्री-आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करते हुए सेंपल लिया। इस बात की जानकारी लगने पर मंगलवार की सुबह मूल्यांकन कार्य में लगे 467 शिक्षकों ने एक्सीलेंस स्कूल केंद्र में मूल्यांकन करने का विरोध शुरू कर दिया।
विरोध शुरू होने पर एक्सीलेंस प्राचार्या ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, पर वे नहीं माने। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसके शर्मा, एसडीएम प्रयांशी भंवर सहित सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और इन सभी को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी शिक्षक नहीं माने तो एडीएम प्रेम सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। इस दौरान मौजूद शिक्षकों ने जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक उग्र प्रदर्शन किया। जब किसी भी प्रकार से यह शिक्षक नहीं माने तो मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मंगलवार का मूल्यांकन कार्य निरस्त कर दिया।

एक मूल्यांकनकर्ता आइसोलेशन वार्ड में भर्ती
बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी एसके शर्मा, कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देश पर एक्सीलेंस क्रमांक 1 और स्कूल क्रमांक 2 में 10वीं और 12वीं कक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करा रहे हैं। जिसमें जिले भर के 467 शिक्षक बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। सोमवार की दोपहर एक शिक्षक को सर्दी, जुकाम और खांसी की शिकायत होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ड्यूटी डाॅक्टर ने कोरोना वायरस के मिलते जुलते लक्षणों के कारण शिक्षक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। इसके साथ ही इस शिक्षक को कोरोना का संदिग्ध मरीज मानते हुए सेंपल लेते हुए जांच के लिए भेज दिया। इस बात से नाराज सभी शिक्षकों ने मंगलवार की सुबह हंगामा करते हुए विरोध पर उतर आए। उन्होंने केंद्र पर मूल्यांकन करने से इंकार कर दिया।

विरोध के कारण मात्र 200 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ : सहायक मूल्यांकन अधिकारी प्रभात साहू ने बताया कि 22 अप्रेल को कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य एक्सीलेंस स्कूल और हायर सेकंडरी क्रमांक 2 स्कूल में शुरू हुआ। एक सप्ताह तक चले मूल्यांकन कार्य में 57 हजार कॉपियों को शिक्षकों द्वारा जांचा गया है। मंगलवार को शिक्षकों ने केंद्र में मूल्यांकन का विरोध किया, इस कारण मात्र 200 कॉपियां ही जांची गई। साहू ने बताया कि अभी करीब डेढ़ लाख कॉपियों का मूल्यांकन होना शेष है। यदि इसी प्रकार से इन कॉपियों का मूल्यांकन चलता तो 10 मई तक पूरा हो जाता।

डीईओ और केंद्र प्रभारी पर लगाए आरोप : इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजपत्रित अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष बीपी चंसौरिया ने जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार शर्मा और मूल्यांकन केंद्र प्रभारी प्राचार्या अशोक खरे पर आरोप लगाते हुए कहा कि मूल्यांकन कार्य के लिए मिले बजट को ठिकाने लगाने के लिए केंद्र में मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है। जबकि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के आदेश का पालन करते हुए गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है।

तीन घंटे तक परिसर में बंद रहे 150 मूल्यांकरकर्ता : प्रदर्शन शुरू होने से पहले 200 शिक्षक क्रमांक 2 स्कूल में कक्षा 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए अपने कक्षों में बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी लगने पर कुछ मूल्यांकनकर्ता अपने कक्ष से बाहर निकल गए। पर जो शिक्षक बैठे रहे, उन्हें प्रशासन ने मुख्य गेट का ताले लगाते हुए बंद कर दिया। इस कारण वे परिसर में ही फंसे रहे। जब दोपहर ढाई बजे यह प्रदर्शन शांत हुआ तब कहीं जाकर ताले में बंद शिक्षक बाहर निकल सके। इसके बाद सभी मूल्यांकनकर्ता अपने-अपने घर चले गए। इस दौरान अधिकारियों का कहना था किया भीड़ को जमा होने से बचाने के लिए ताले लगाए थे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग भंग न हो।

सीधी बात :एसके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारीजो खुद को शिक्षक नेता या माफिया समझते हैं उन्होंने केंद्र पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कराया

सवाल : मूल्यांकनकर्ताओं ने केंद्र पर तीन घंटे तक हंगामा क्यों किया?
जवाब :केंद्र पर मूल्यांकन कर रहे एक भी शिक्षक ने इसका विरोध नहीं किया है। जो अपने आप को शिक्षक नेता और शिक्षा माफिया समझते हैं, उन्होंने केंद्र पर पहुंचकर विरोध किया है।
सवाल :क्या विरोध करने वाले चिन्हिंत हैं, उन पर विभाग कार्रवाई करेगा?
जवाब :चार-पांच लोगों को चिन्हित किया गया। उन पर कार्रवाई होगी। इस घटना के सभी वीडियो जिला प्रशासन सहित पुलिस को सौंप दिए गए हैं, ताकि प्रशासन इन पर कार्रवाई कर सके।
सवाल :प्रदर्शनकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी पर राशि को ठिकाने लगाने के आरोप भी लगाए हैं?
जवाब : मेरे ऊपर राशि हड़पने का आरोप लगाया गया, जबकि पूरी राशि मूल्यांकन केंद्र प्रभारी और मूल्यांकनकर्ता के खाते में जानी है। यदि किसी शिक्षक नेता को व्यक्तिगत रूप से दुश्मनी है तो वह सीधे आकर मेरा विरोध करे, शिक्षकों की आड़ क्यों ले रहे हैं।
सवाल :क्या बुधवार को भी केंद्र पर मूल्यांकन जारी रहेगा?
जवाब :पिछले दिनों की तरह बुधवार को भी मूल्यांकन कार्य जारी रहेगा, जो शिक्षक मूल्यांकन करना चाहते हैं वे आ सकते हैं, जो नहीं करना चाहता वो लिखित में दे सकते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
A teacher's health deteriorated, then everyone stopped the evaluation, 3 hours of commotion in protest


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/chhatarpur/news/a-teachers-health-deteriorated-then-everyone-stopped-the-evaluation-3-hours-of-commotion-in-protest-127256305.html

No comments:

Post a Comment