फूलबाग चेकिंग पॉइंट पर पड़ाव पुलिस ने सोमवार सुबह दो युवकों के पास से 17 लाख रुपए पकड़े हैं। दोनों सगे भाई हैं। दोनों दूध की टंकी और थैले में इतने रुपए लेकर जा रहे थे। पूछताछ करने पर दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने सुनार के जरिये बैंक में सोना गिरवी रखा है। फसल कटाई के बाद मजदूरों को भुगतान करने से लेकर कुछ कर्ज चुकाने के लिए यह रुपए लिए हैं। इन दोनों ने बैंक की रसीद भी मंगवाई। फिलहाल पुलिस ने रुपए और बैंक की रसीदें जब्त कर ली हैं। आयकर विभाग को सूचना देने के साथ ही बैंक प्रबंधन से भी जानकारी मांगी गई है। जिससे पूरी कहानी स्पष्ट हो सके। इसके बाद ही इन्हें रुपए वापस दिए जाएंगे।
टीआई पड़ाव ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11.45 बजे फूलबाग चेकिंग पॉइंट पर फोर्स चेकिंग कर रहा था। दूध की टंकियों के जरिये शराब सप्लाई की शिकायतें बढ़ी हैं, इसके चलते दूधियों की टंकियां भी देखी जा रही हैं। इसी दौरान दो युवक बाइक से गुजरे। दूध की टंकी और थैला खुलवाकर देखा तो उसमें नोट भरे हुए थे। पूछताछ करने पर इन्होंने अपना नाम देवराज पुत्र रमेश सिंह गुर्जर और राघवेंद्र पुत्र रमेश सिंह गुर्जर बताया। दोनों सगे भाई है और ग्वालियर में लक्ष्मीगंज स्थित नेहरू पेट्रोल पंप के पास रहते हैं।
इतने रुपए ले जाने का कारण पूछा तो बोले कि उन्होंने अपने सुनार अखिलेश सोनी निवासी दीनदयाल नगर के जरिए बैंक ऑफ इंडिया में पुश्तैनी सोने के जेवरात गिरवी रखे हैं। रुपए की जरूरत थी, इसलिए जेवरात रखकर बैंक से कर्ज लिया है। इन दोनों को पड़ाव थाने ले गए। यहां इनके परिजनों से रसीद मंगवाई और सुनार को भी बुलवा लिया गया। रसीदों के अनुसार तो बैंक से कर्ज लिया है, लेकिन पूरी तस्दीक के लिए बैंक से भी जानकारी मंगाई है। पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ दिया है।
सुनार के नाम पर है खाता, उसी पर लिया कर्ज
टीआई ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सुनार अखिलेश सोनी के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। उसी को इन्होंने गहने दिए थे और उसने अपने नाम से गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया। अखिलेश को रुपए 18 अप्रैल को मिले थे। दीनदयाल नगर में वह अपने घर में रुपए रखा था।
सोमवार सुबह यह दोनों भाई दीनदयाल नगर से रुपए
लेकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बीच में चेकिंग
के दौरान पकड़े गए।
पुलिस को जांच के लिए रसीद दे दी हैं
^4 मई की मेरे भतीजे की शादी है। उसमें पैसों की जरूरत पड़ेगी। हमारी मिर्धा गांव में खेती है, गांव में फसल कटवाई। अब मजदूरों को भुगतान करना है। खेती के लिए कर्ज लिया था, वो भी चुकाना है। इसलिए इतने रुपए की जरुरत थी तो सुनार के जरिए गहने गिरवी रखवाकर कर्ज लिया। जांच के लिए रसीद भी दे दी हैं। हालांकि पुलिस ने अभी रुपए जब्त कर लिए हैं।
राघवेंद्र गुर्जर, जो रुपयों के साथ फूलबाग पर पकड़ा गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/two-brothers-were-carrying-17-lakh-rupees-in-milk-tank-and-vegetable-bag-holding-phulbagh-127208053.html
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