काेराेना की चेन अब बेटमा तक पहुंच गई है। यह चेन बेटमा के एक युवक द्वारा इंदौर निवासी काेराेना संक्रमित चचेरे भाई की सेवा व उसकी माैत के बाद जनाजे में शामिल हाेने से बनी है। इसी वजह से एक ही परिवार के पांच लाेग काेराेना पाॅजिटिव पाए गए हैं। यह सभी क्वारेंटाइन सेंटर में थे। शुक्रवार को इनकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है। प्रशासन ने बेटमा में जहां यह युवक रहता है उस इलाके काे कंटेनमेंट एरिया घाेषित कर सील कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिस युवक की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है, वह असरावद स्थित हाेस्टल के क्वारेंटाइन सेंटर से गुरुवार शाम अनुमति लेकर अपने घर बेटमा आ गया था। सुबह उसे सेंटर से सूचना मिली कि उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है। उसने तुरंत बेटमा थाना प्रभारी काे फाेन पर सूचना दी और खुद काे काेराेना पाॅजिटिव हाेना बताया। इसके बाद एसडीएम प्रतुल सिन्हा, स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस पहुंची और युवक काे एंबुलेंस से अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया।
दाेपहर में युवक के चार अन्य क्वारेंटाइन परिजन की रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव अाई गई। ये चाराें भी उसके साथ क्वारेंटाइन सेंटर में थे। ये उसके चचेरे भाई काेराेना संक्रमित साजिद के परिवार के सदस्य हैं, जिनमें साजिद की माता, पिता, उसकी बेटी व उसके छाेटे भाई की पत्नी शामिल हैं। इंदाैर के खजराना स्थित तंजीम नगर निवासी संक्रमित साजिद के इलाज के दाैरान देखरेख में बेटमा का उक्त युवक भी शामिल था। साजिद की माैत के बाद प्रशासन ने इन पांचों काे क्वारेंटाइन कर दिया था।करीब पांच दिन पहले सभी के सैंपल लिए गए थे। इनकी रिपाेर्ट शुक्रवार काे सुबह व शाम को आई, जिसमें पांचाें काेराेना पाॅजिटिव पाए गए हैं।
12 घंटे बेटमा में रहने की हिस्ट्री
प्रशासन असरावद के क्वारेंटाइन सेंटर से बेटमा आकर अपने घर रुके करीब 12 घंटे की युवक की कांटेक्ट हिस्ट्री भी तलाश रहा है। युवक के मुताबिक घर पर काेई नहीं है। पूरे 12 घंटे वह घर पर अकेला ही रहा। घर से बाहर भी नहीं निकला। वहीं किसी ने पुलिस काे सूचना दी थी कि वह मसजिद तक गया, लेकिन प्रशासन ने इसकी भी जांच कर ली है। अभी तक उसे घर से बाहर निकलने के किसी तरह के इनपुट नहीं मिले हैं।
शव से संक्रमण नहीं फैलता, पर, एन-95 मास्क लगाएं
जनाजे से लौटने के बाद बेटमा का परिवार संक्रमित हुआ। इस बारे में भास्कर ने विशेषज्ञों से जाना
- कोरोना संक्रमित मरीज की मौत को लेकर सरकार ने प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके अनुसार कोरोना संक्रमण से मरने वाले के शव को एक पॉलिथीन में पैक करना अनिवार्य है। मरीज की बॉडी को सोडियम हाइपो क्लोराइट से साफ किया जाता है। जिस वाहन उसे उसे भेजते हैं, उसे भी सोडियम हाइपो क्लोराइट के घोल से साफ करते हैं।
- बॉडी भेजने के बाद चैम्बर, दरवाजे, फर्श को भी इसी केमिकल से साफ करते हैं।
- अंत्येष्टि या जनाजे में शामिल होने वाले लोगों को एन- 95 मास्क लगाना अनिवार्य है। इसमें 7-8 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते और क्रियाकर्म भी नहीं किए जा सकते।
- डॉक्टरों के मुताबिक, शव से कोरोना का संक्रमण नहीं होता, क्योंकि बॉडी को केमिकल लगाने के बाद चार लेयर में पॉलिथीन से पैक कर भेजा जाता है, फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।
- मरीज को भर्ती रखने के दौरान इस्तेमाल किए गए बर्तन, उपकरण आदि को भी केमिकल से संक्रमण रहित किया जाता है।
- दफनाने के लिए 8 से 9 फीट गहरी कब्र : पूर्व पार्षद रफीक खान के मुताबिक, जिस भी मरीज की मौत कोरोना से हुई, उन्हें दफनाने के लिए 8 से 9 फीट का गड्ढा कर रहे हैं, आम तौर पर ये 4-5 फीट का होता था। ऐसा इसलिए कि संक्रमण न फैले। इसके अलावा बॉडी पर ब्लिचिंग पाउडर और चूना डाल रहे हैं, ताकि शव जल्दी गल जाए।
नए मरीज मिलने के बाद मेडिकल गर्ल्स होस्टल सहित 11 और क्षेत्र कंटेनमेंट घोषित
कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 11 और नए एरिया को कंटेनमेंट घोषित कर दिया है। ये हैं- मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स होस्टल, संवाद नगर, स्नेहलतागंज, उदापुरा, इकबाल कॉलोनी, अंबिकापुरी एरोड्रम, गांधी नगर, मोती तबेला, सागौर कुटी, बेटमा और सुखलिया। इसके पहले नूरानी नगर, खजराना, रानीपुरा, टाटपट्टी बाखल, मनीष बाग, मैपलवुड निपानिया, दाऊदी नगर, श्रीनगर कांकड़, मूसाखेड़ी, अरिहंत अस्पताल, रवि नगर, अहिल्या पल्टन, एमआर-9 साईंधाम कॉलोनी, आजाद नगर, मनोरमागंज, पार्क रोड वल्लभ नगर, डी-2 पुलिस लाइन, लिंबोदी को कंटेनमेंट के दायरे में लिया जा चुका है।
टाटपट्टी बाखल में डॉक्टरों पर हमला करने वाले छह और गिरफ्तार
छत्रीपुरा पुलिस ने टाटपट्टी बाखल में डॉक्टरों की टीम पर पथराव करने वाले और छह आरोपियों मोहम्मद नावेद, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद युसूफ, मो. सावेज, मो. अनास और नफीस को गिरफ्तार किया है। इन्हें मिलाकर अब तक बारह आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सीएसपी डीके तिवारी के मुताबिक, अब भी पुलिस कई आरोपियों की तलाश में जुटी है।देर रात पुलिस की एक टीम ने टाट-पट्टी बाखल में जाकर वीडियो के आधार पर पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान की और उनका जुलूस निकाला।

कंटेनमेंट क्षेत्र में मेडिकल टीम की युद्ध के मैदान जैसी प्लानिंग- हेड क्वार्टर में होते हैं जमा, फिर होता है तय कहां से सैंपल लेना है?
डॉक्टर और 10 लोगों की मेडिकल टीम रानीपुरा पहुंचती है। झंडा चौक के यहां पुलिस चौकी में बनता है टीम का हेडक्वार्टर। यहीं सबसे पहले प्लानिंग की जाती है, कहां जाना है। कितनी टीमें बनेंगी? कहां-कहां से सैंपल लेना है? कितनों की स्क्रीनिंग करना है और क्वारेंटाइन के लिए किन-किन को भेजना है। एक सदस्य लिस्ट तैयार करती है। इस बीच एडीएम पवन जैन मौके पर पहुंचते हैं। जानकारी लेने के बाद कहते हैं जिन-जिन घरों में पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं, वहां आसपास के लोगों की भी पूरी जानकारी ली जाए। टीम आगे बढ़ने से पहले तालियां बजाकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं। झंडा चौक से दौलतगंज की गलियों की ओर टीम बढ़ती है। तंग गलियों से होकर टीम उस परिवार तक पहुंचती है, जहां कोरोना पॉजिटिव आए हैं।

टीम में शामिल डॉ. राधा गुप्ता सांवेर में पदस्थ हैं, लेकिन ड्यूटी इंदौर में है। रानीपुरा और अन्य क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव परिवारों के सैंपल इकट्ठे कर रही हैं। वे सुबह से रात तक ड्यूटी करती हैं फिर घर जाती हैं, लेकिन खुद को आइसोलेशन में रखती हैं। परिवार से पिछले 10 दिन से अलग कमरे में ही रह रही हैं। वहीं, डॉ. सरिता गुप्ता, अनिता राठौर, विजय कठोर, अरुणप्रकाश जोशी सहित टीम के अन्य सभी सदस्यों का कहना है अभी हमारे लिए परिवार से ज्यादा ये लोग महत्वपूर्ण हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/corona-figures-cross-100-3-month-old-baby-positive-with-23-new-patient-parents-127100924.html
No comments:
Post a Comment