Tuesday, March 31, 2020

कोरोना से ज्यादा फसल की चिंता, गांव के घर छोड़ खेतों में रह रहे लोग

गांवों में भी पूरी तरह लॉकडाउन है। इक्का दुक्का दुकानें खुली हैं। जिले से संपर्क भी पूरी तरह कटा है। गांवों में होम डिलीवरी जैसी सुविधा भी नहीं है। केसला के आदिवासी गांवाें के ग्रामीणों के सामने कोरोना से खतरे से ज्यादा रोज के खाने की चिंता है। प्रशासन शहरी क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने में जुटा है, ऐसे में गांव के लोग अपने स्तर पर ही हालात का सामना कर रहे हैं।

पथाैड़ी : गांवों में नहीं आ रहे हार्वेस्टर, गेहूं कटाई की बढ़ी चिंता, कुछ किसानों ने हाथ से काट ली फसल

रामभरोस मीणा } होशंगाबाद| कुलामड़ी पंचायत के गांव पथाैड़ी में कोरोना वायरस से ज्यादा किसानाें काे खेती-किसानी की चिंता है। संभाग मुख्यालय से 5 किमी दूर गांव पथाैड़ी में 96 घर है। अाबादी 650 है। गांव में किसी के पास मास्क अाैर सेनेटाइजर नहीं है। गांव में लाेग इस समय काेराेना से ज्यादा अपनी फसल की कटाई काे लेकर चिंतित है। कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे अाैर ना गांव में हार्वेस्टर मशीन अा रही है। छोटे किसानों ने तो मजदूरों से फसल कटा ली लेकिन बड़े किसान परेशान हैं। कई किसान खेतों में रहकर फसल की

चौकीपुरा : लॉकडाउन में हर घर पर ताला, सभी लोग फसल की रखवाली और महुआ बीनने के काम में लगे

मोहम्मद साजिद खान }सुखतवा | इटारसी से 30 किमी दूर सुखतवा के पास चौकीपुरा गांव। 365 परिवारों इस गांव में हर घर पर ताला है। लोग घर बंद कर फसल की रखवाली और महुआ बीनने का काम करने जा रहे हैं। गांव के लोग मुख्य रूप से मजदूरी, कृषि और पोल्ट्री पर आश्रित हैं। गांव के पप्पू मर्सकोले ने बताया कि मजदूरी और मुर्गी पालन से ही घर चलता है। दोनों ही काम बीमारी कारण बंद हैं। अब पेट भरने के लिए भी पैसा नहीं है। नंदकिशोर भलावी मजदूरी करते हैं। उनकी पीड़ा है - पूरे परिवार सहित घर पर बैठे हैं। अब तक तो जैसे-तैसे पेट भर रहे थे। आगे क्या होगा, पता नहीं। चौकीपुरा ग्राम की सरपंच सीमा मर्सकोले अपने घर पर ताला लगाकर खेत में रह रही हैं। पूरे गांव की यही हालत है। इसका एक फायदा तो यह हो रहा है कि लॉकडाउन का पालन सही तरीके से हो रहा है और खेतों में फसलों की रखवाली भी हो रही है।

गुनौरा : मंदिर, दुकानों के सामने बनाए गोले, गांव के वरिष्ठ दुष्यंत गौर समझा रहे लॉकडाउन का महत्व

सुरभि नामदेव } होशंगाबाद | जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव गुनाैरा में ग्रामीण जागरुक हैं। चाैक पर बने हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए और दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के लिए चूने के निशान बनाए हैं। गांव के वरिष्ठ सदस्य दुष्यंत गाैर ने लाॅकडाउन के अगले ही दिन गांव में साेशल डिस्टेंस का पालन करने के साथ दुकाने खाेलने बंद करने के समय अाैर घर में रहने की समझाइश घर- घर जाकर दे रहे हैं। यशवंत गाैर ने बताया गांव में कोरोना से सावधानी रखने और स्वस्थ रहने पर्चे भी बंटवाए हैं। गांव के नवीन गाैर बताते हैं 300 परिवार वाले इस गांव में 1200 सदस्य हैं। करीब 150 बच्चे शहराें में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। अधिकांश कृषक परिवार हैं। 25 अाैर 26 मार्च काे जब इंदाैर, भाेपाल में रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चे गांव लाैटे ताे सबकाे अाश्चर्य हुअा। बच्चे परीक्षा के समय घर कैसे अाए। तब बच्चाें ने गांव की भाषा में बीमारी अाैर प्रधानमंत्री की बात समझाई।

रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणाें के मुताबिक काेई अधिकारी समस्या जानने नहीं अाया। हालांकि ग्राम पंचायत ने भी अब अपने स्तर से पथाैड़ी की दुकान पर एक पाेस्टर बंद का लगा दिया है।



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Hoshangabad News - mp news worries of crop more than corona people living in fields leaving village home
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source https://www.bhaskar.com/mp/hoshangabad/news/mp-news-worries-of-crop-more-than-corona-people-living-in-fields-leaving-village-home-071639-6949982.html

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