इंदौर.बमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खड़ी और खेतों में रखी फसल को इससे भारी नुकसान हुआ है। आसपास के जिलों में ओलावृष्टि की खबरें भी आई हैं। गेहूं, चना और सरसों की फसल खराब होने का डर पैदा हो गया है।
नैनोद गांव के किसान शैलेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि इस बार फसल बहुत अच्छी हुई थी, लेकिन ऐन वक्त पर बारिश ने सब कबाड़ा कर दिया। समय रहते सरकार किसानों को आर्थिक मदद करे। इससे किसान उन गरीब मजदूरों के परिवार को भी सहायता कर सकेंगे, जो खेतों में मजदूरी करते हैं। भारतीय किसान व मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव का कहना है कि सरकार किसानों की फसलों की नुकसानी का सर्वे करवाए और मुआवजा राशि जारी करे। इसके अलावा बीमा क्लेम और पिछले साल का गेहूं का 160 रुपए व सोयाबीन का 500 रुपए बोनस किसानों के खाते में डालना चाहिए। किसान संगठन जिले के उन किसानों की सूची तैयार कर रहा है। यह मुख्यमंत्री व कलेक्टर को सौंपेंगे। मांगलिया में भी बुरी हालत है।
इधर संतरों के बगीचे भी खराब
आगर जिले के सुसनेर गांव के किसान जगदीश पाटीदार ने बताया कि गुरुवार को हुई तेज बारिश से संतरे का बगीचा भी उजड़ गया है। आसपास के अन्य किसानों के बगीचे भी बारिश और ओले की चपेट में आए हैं। जो फसल पककर तैयार थी और उसे कुछ ही दिनों में बाजार में बेचा जाना था, वह पूरी तरह से खराब हो चुकी है।
इधर संतरों के बगीचे भी खराब
आगर जिले के सुसनेर गांव के किसान जगदीश पाटीदार ने बताया कि गुरुवार को हुई तेज बारिश से संतरे का बगीचा भी उजड़ गया है। आसपास के अन्य किसानों के बगीचे भी बारिश और ओले की चपेट में आए हैं। जो फसल पककर तैयार थी और उसे कुछ ही दिनों में बाजार में बेचा जाना था, वह पूरी तरह से खराब हो चुकी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/farmers-said-wheat-gram-and-mustard-due-to-heavy-rains-immediately-survey-and-compensation-127059077.html
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