इंदौर | आप लोग भगवान पारसनाथ के दर्शन करते हैं, उनकी प्रतिमा पर स्थित सर्प को आप बार-बार हाथ लगाते हैं, तो फिर जीवित सर्प को देख आप भाग क्यों जाते हैं। उसे देखते ही भगवान को भूल जाते हो। आप स्वाध्याय, अभिषेक, स्तुति करते हो, फिर भी सर्प को देख घबरा जाते हो। आपके मन में सांप को देख यही भाव रहना चाहिए कि वह सिर्फ जीव है और मैं भी जीव, तो आपका बेड़ा पार हो जाएगा।
यह बात आचार्य विद्यासागर महाराज ने शनिवार को प्रतिभा स्थली, रेवती रेंज में कहीं। ब्रह्माचारी सुनील भैया और ट्रस्टी सचिन जैन ने बताया शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त करने वाले परिवार को आचार्यश्री के दर्शन का लाभ मिला।
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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-you-should-not-be-afraid-of-a-living-being-just-consider-yourself-as-a-living-being-acharya-vidyasagar-070535-6802015.html
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