बीना| प्रदेश में निर्वाचित पंचायतों का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो जाएगा। जिसके बाद सरपंचों के खातों से निकासी पर जब तक शासन के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक के लिए खातों से निकासी पर पाबंदी रहेगी।
सीईओ आशीष जोशी ने बताया कि उप सचिव मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एआर चौधरी ने सभी कलेक्टर को पत्र देकर सूचना दी है। प्रदेश में निर्वाचित पंचायतों का कार्यकाल मार्च माह को समाप्त होने जा रहा है। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994) की धारा 9(1) के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने प्रथम सम्मेलन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक के लिए बनी रहेगी और इससे अधिक नहीं, साथ ही अधिनियम की धारा 20(3) के प्रावधान लागू होंगे।
मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 66 की उप धारा 4(1) के प्रावधान अनुसार ग्राम पंचायत के मामलों में सरपंच तथा सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों से खातों से राशि के आहरण का प्रावधान है। किंतु उपरोक्त अनुसार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के दिनांक से मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 87 (3)(ख) अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था होने तक ग्राम पंचायतों के खातों का परिचालन एवं आहरण स. सविरण सरपंचों के हस्ताक्षर से किए जाने वाले पर पाबंदी लगाई जाए साथ ही संबंधित समस्त बैंकों एवं अन्य संस्थाओं को तुरंत सूचित करें। सीईओ ने बताया कि ब्लॉक में 64 सरपंचों का कार्यकाल 12 मार्च को पूरा हो जाएगा। इसके बाद राशि आहरण नहीं होगी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/sagar/news/mp-news-withdrawal-from-accounts-of-64-sarpanches-will-be-banned-065533-6809877.html
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