लैंड डिजिटलाइजेशन में मप्र पूरे देश में अव्वल है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकानॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के नेशनल लैंड रिकॉर्ड एंड सर्विस इंडेक्स (एनएलआरएसआई) में उसे पहला नंबर मिला है। एनसीएईआर ने पहली बार नेशनल लैंड रिकॉर्ड एंड सर्विस इंडेक्स जारी किया है। एनसीएईआर ने दो पहलुओं को ध्यान में रखते हुए 2019-20 के डाटा कलेक्शन के आधार पर यह इंडेक्स तैयार किया है। इसमें जमीन के रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन और लैंड रिकॉर्ड की गुणवत्ता को देखा गया। इसमें मप्र का रिकॉर्ड सबसे अच्छा मिला है। मप्र का इंडेक्स स्कोर 74.9 रहा। उसके बाद ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडू व पश्चिम बंगाल का नंबर है। इन सभी राज्यों का इंडेक्स स्कोर 60 से ऊपर है। यह सर्वे देश के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में किया गया। इंडेक्स तैयार करने के लिए सबसे पहले देखा गया कि किसी प्रदेश ने अपने लैंड रिकॉर्ड को आम लोगों के लिए डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया या नहीं। इसमें जमीन का रिकॉर्ड, उसके साथ नक्शे और संपत्ति के रजिस्ट्री की प्रक्रिया को परखा गया। एक अन्य मापदंड पर भी इस रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें देखा गया कि जमीन का रिकॉर्ड संपूर्ण व विश्वसनीय हो। यह इंडेक्स राज्यों को उनकी आगे की योजना बनाने में मदद करेगा।
कैसे पाया मुकाम... जमीनों के रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन बेहतर
मप्र को जमीनों के रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन बेहतर तरीके से करने के कारण यह मुकाम मिला है। इसमें कोई भी व्यक्ति कहीं भी बैठकर किसी भी जमीन का पूरा रिकॉर्ड देख सकता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में इससे बहुत फायदा हुआ है। लोगों को जमीन की जानकारी के लिए तहसील नहीं जाना पड़ता। डिजिटलाइजेशन से बैंक लोन में आसानी हुई है। जमीन का नामांतरण तय समय सीमा में करना होता है, जिससे लोगों को तहसीलदार या पटवारी के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ऐसे ही कई कदमों से इंडेक्स में प्रदेश आगे रहा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-mp-tops-the-country-in-land-digitalization-070629-6745824.html
No comments:
Post a Comment