सागर टीआरडी के ट्रेक्शन सब स्टेशन में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां करीब 15 दिन पहले सागर की ओर तीसरी लाइन के लिए ओएचई लाइन डालने नीम के हरे पेड़ों को काटा गया था। लेकिन उनकी पत्तियां वहीं रह गईं। जिससे वह सूख गई।
जिसमें कभी भी आग लगने से बड़ा हादसा हो सकता है। जिसका असर सब स्टेशन पर पड़ सकता है। यही नहीं ट्रेनें भी प्रभावित हो सकतीं हैं। इसके पहले भी सब स्टेशन के अंदर लगी घास एवं कचरे में आग लग चुकी है। उस दौरान बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था। बावजूद रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
जानकारी अनुसार गांधी वार्ड स्थित रेलवे बाइपास पर सागर टीआरडी के ट्रेक्शन सब स्टेशन परिसर में लगे नीम के पेड़ों को ओएचई लाइन बिछाने के लिए करीब 15 दिन पहले काटा गया था। जो तभी से उसी स्थान पर कटे हुए उसी अवस्था में पड़े है। जबकि उन्हें तत्काल परिसर से हटाने का कार्य किया जाना था। 15 दिन बीतने के बाद पेड़ों के पत्तियां पूर्ण रूप से सूख चुकीं हैं और दिन के समय में भी धूप तेज होने लगी है।
जिससे कभी भी पेड़ों के पत्तों में आग लग सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। जहां पर यह पेड़ कटे डले हैं। उसके आसपास सब स्टेशन के उपकरण, केवल, ट्रांसफारमर आदि लगे हुए हैं। जिससे उनको नुकसान पहुंच सकता है। जिस कारण ट्रेनें प्रभावित हो सकती है।
पूर्व में लग चुकी है आग: रेलवे बाइपास पर बीना एवं सागर के ट्रेक्शन सब स्टेशन आसपास बने हुए है। जिसमें पूर्व में घास एवं कचरे में आग लग चुकी है। आग के कारण कर्मचारियों के साथ आसपास के लोग दहशत में आ गए थे।
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source https://www.bhaskar.com/mp/sagar/news/mp-news-trees-have-forgotten-the-removal-of-leaves-by-cutting-trees-in-the-station-once-fire-has-started-still-the-management-is-not-awake-065527-6541053.html
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