प्यारेलाल व उनकी प|ी कांता देवी ने जैन समाज सेहराई में आकर समाजजनों से मुलाकात की
शनिवार 22 फरवरी को राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ राजस्थान से आए लख्मीचंद पुत्र प्यारेलाल व उनकी प|ी कांता देवी ने जैन समाज सेहराई में आकर समाजजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने समाजजनों से उनकी वंशावली बताने की बात कही।
इसके बाद उन्होंने अपने रजिस्ट्रेशन और बहीखाते खोलकर उनके 15 से 20 पीढ़ियों के नाम व गौत्र आदि बताए। इनको पटियों के नाम से लोग जानते हैं। साथ ही इनको अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है। इनमें रावजी, जागाजी, कुल गुरु व पटियों आदि नाम शामिल हैं। लक्ष्मीचंद उर्फ लक्ष्मण पटिया ने बताया कि हम साल में आठ माह जो हमारे छह-सात जिले हैं उनमें जैन समाज के घरों में जैन समाज की वंशावली बताकर व परिवार में पैदा होने वाले बच्चों और जिनकी शादियां हो जाती हैं उनके नाम जोड़ देते हैं। इसमें जो भी भेंट व विदाई हमें मिलती है उसी से हमारे परिवार का भरण पोषण होता है। इन आठ माह में हम गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी व ललितपुर आदि जिलों में जैन समाज के लोगों से मिलकर जैन समाज के सदस्यों से मिलकर उनके परिवार की वंशावली बताते हैं। इसी से हमारे परिवार का गुजारा चलता है। चार माह बारिश के दिनों में हम अपने गांव में रहते हैं। इस दौरान जिन गांव या शहरों में जैन समाज के घर अधिक होते हैं वहां इन्हें 8-10 दिन रुकना पड़ता है। गांव में पटियों ने जैन समाज अध्यक्ष अभय सिंघई, डॉ. जीसी जैन, अजित कुमार जैन, राजेश जैन, कंछेदी लाल जैन, शिखकरचंद जैन, राजेंद्र कुमार जैन आदि परिवारों के के लोगों के यहां पहुंचे।
समाजजनों के घर जाकर उनके परिवार की वंशावली बताते पटिया।
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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-patis-from-kishangarh-rajasthan-came-from-house-to-house-and-told-the-genealogy-of-the-families-063050-6691324.html
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