Wednesday, February 26, 2020

श्रेष्ठ संतान चाहिए तो धर्म और नीति के मार्ग पर चलना चाहिए: शास्त्री


यदि श्रेष्ठतम संतान चाहिए तो पहले से ही धर्म के मार्ग पर चलना होगा, तपस्या करनी होगी। तभी भगवान प्रसन्न होंगे और आपके घर प्रभु स्वयं जन्म लेकर धन्य करेंगे।

कमलपुर में यजमान राजेश राजपूत के परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन शास्त्री गौरवकृष्ण महाराज ने कथा श्रवण कर रही महिलाओं से कही। शास्त्री ने कहा कि माता देवहुति और सुनीति इसका उदाहरण हैं। माता देवहूति धर्म और तपस्या के बल पर भगवान कपिल को पुत्र के रूप में प्राप्त किया तो सुनीति ने नीति का पालन करते हुए ध्रुव जैसा पुत्र पाया। यदि पुत्र सद्गुणी हो तो माता-पिता को उसकी पूजा करना चाहिए जैसा माता देवहुति और कर्दम मुनि ने भगवान कपिल की, की थी।

कथा के दौरान प्रसंग देखते श्रद्धालु।

आत्मा का आनंद भोग में नहीं योग में मिलेगा

माता देवहुति ने भगवान कपिल से पूछा कि मेरा जन्म राजकुमारी के रूप में हुआ। गुणवान धर्मवान पति मिला। कन्यादान का सौभाग्य मुझे मिला और भगवान स्वयं ही पुत्र के रूप में मिले तो भी मेरा मन तृप्त नहीं हो सका ऐसा क्यों तब कपिल ने समझाया माता मन की इच्छाएं तो अनंत हैं। इनसे मन को पूर्ण आनंद नहीं मिलता पूर्ण आनंद के लिए परिपूर्ण से जुड़ना पड़ेगा। यह परिपूर्ण केवल गोविंद ही है। ध्रुव चरित्र सुनाते हुए उन्होंने कहा की अगर कोई आपका अपमान करता है तो उसके प्रति बदले की भावना नहीं होना चाहिए बल्कि अपने लिए उच्च मार्ग प्रशस्त करना चाहिए जैसा ध्रुव की कथा सुनाते हुए महाराज ने कहा सुनीति ने ध्रुव को पिता की गोद से उतारने के बाद भी सिखाया की पुत्र तुम ईश्वर की गोद मे बैठने के लिए तप करो। माता बचपन में जैसी शिक्षा देगी पुत्र का भविष्य उसी आधार पर बनेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Bhonti News - mp news if you want a good child you should follow the path of religion and policy shastri


source https://www.bhaskar.com/mp/shivpuri/news/mp-news-if-you-want-a-good-child-you-should-follow-the-path-of-religion-and-policy-shastri-062635-6721354.html

No comments:

Post a Comment