Monday, February 10, 2020

नैक मूल्यांकन कराने की तैयारी में बीयू, लेकिन 5 साल में सुधरने की जगह और बिगड़ गए हालात

टीम ने पाया था- विवि में बढ़ते सरकारी नियंत्रण से अकादमिक स्वायत्तता व अधिकार का अभाव है

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) एक बार फिर से नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) से ग्रेडिंग कराने की तैयारी कर रहा है। अंतिम बार मार्च 2015 में मूल्यांकन कर 5 मई 2020 तक के लिए बी ग्रेड दी थी। इसकी मियाद खत्म हाेने में दाे महीने शेष हैं, यानी 5 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन विवि अभी भी उसी स्थिति में खड़ा है, जाे स्थिति नैक काे 2015 में मिली थी। हालात यह हैं कि इन 5 साल में स्थिति अच्छी होने के स्थान पर और भी बिगड़ती दिख रही है। नैक की रिपाेर्ट के अनुसार मूल्यांकन करने वाली टीम ने जिन चुनौतियों की पहचान की थी, वह अभी बनी हुई हैं। नैक ने यह भी पाया था कि बीयू में बढ़ते सरकारी नियंत्रण के कारण अकादमिक स्वायत्तता और अधिकार का अभाव है। एक कारण यह भी है कि बीयू की स्थिति में बदलाव देखने काे नहीं मिल रहा है। इसके अलावा बीयू प्रशासन ने नैक अनुशंसाओं को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दिया।

इन मामलों में बदलाव नहीं- पारंपरिक व्याख्यान पद्धति पढ़ाने की मुख्य प्रणाली

{कैंपस वाईफाई नहीं है। {लाइब्रेरी का ऑटोमेशन नहीं हुआ। लाइब्रेरियन का पद खाली है। {एकेडमिक कैलेंडर अस्तित्व में है, लेकिन इसका सख्ती से पालन करने की जरूरत अभी बनी हुई है। {पारंपरिक व्याख्यान पद्धति पढ़ाने की मुख्य प्रणाली बनी हुई है।

अब भी परेशानी बनीं ये चुनौतियां

{प्रवेश की मांग में गिरावट। {बढ़ते सरकारी नियंत्रण के कारण अकादमिक स्वायत्तता और अधिकार का अभाव। {प्रतिभाशाली फैकल्टी और शोधकर्ताओं को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने के लिए उपयुक्त मानव संसाधन रणनीति विकसित करना। {प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और पदानुक्रमित स्तरों में कमी।{प्रवाह परीक्षा प्रणाली। {प्राइवेट छात्रों के लिए परीक्षाओं जैसे प्रचलित शैक्षणिक ऑडिटिंग और संशोधन।

यह भी : नैक मूल्यांकन के बाद विवि में नहीं की गई परमानेंट फैकल्टी की भर्ती

नैक की रिपोर्ट के अनुसार मूल्यांकन करने आई टीम ने विवि में परमानेंट फैकल्टी की बहुत कमी पाई थी। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कोर्स के तहत बिना किसी पुख्ता एकेडमिक प्लानिंग के कोर्स शुरू किए गए। सेल्फ फाइनेंस से नियुक्त टीचर्स के लिए जॉब सिक्योरिटी का आभाव है। इस मूल्यांकन के बाद भी विवि में परमानेंट फैकल्टी की भर्ती नहीं की गई। इस बार नैक ने मापदंड और कठिन किए हैं। नैक ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा संचालित डिस्टेंस एजुकेशन इंस्टीट्यूट को भी मूल्यांकन में प्राथमिकता दी गई है।

कुछ नया हुआ, लेकिन स्टूडेंट्स व फैकल्टी घटी

यूटीडी में च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू हुआ। कुछ संस्थाओं से एमआेयू हुए। सेमिनार आयोजित किए जाने लगे हैं।

नैक की यह अनुशंसाएं अधूरीं

{खाली पदों पर व सभी प्रोग्राम के लिए फैकल्टी की नियुक्ति करना। {सेल्फ फाइनेंस प्रोग्राम को अभिभावक डिपार्टमेंट के साथ एकीकृत करना। {बाजार में संचालित प्रोग्राम की रोजगार के आधार पर समीक्षा। {मौजूदा सुविधाओं के अच्छे उपयोग के लिए सभी शैक्षणिक विभागों को स्कूल प्रणाली की तरह एक छत के नीचे लाना। {इंटरेक्टिव लर्निंग व रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देने के लिए लाइब्रेरी को मेजर लर्निंग रिसोर्स सेंटर के रूप में बदलना।

दावा... मूल्यांकन से पहले सुधार ली जाएंगी विवि की सभी व्यवस्थाएं


-प्रो. आरजे राव,
कुलपति, बीयू

विवरण 2015 में वर्तमान में

संकाय 12 12

डिपार्टमेंट 25 25

प्रोग्राम 139 139

स्थाई/ अस्थाई फैकल्टी 61/40 42/30

स्टूडेंट 2906 2400



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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-bu-in-preparation-for-nac-assessment-but-in-5-years-the-place-of-improvement-and-the-situation-worsened-071024-6594258.html

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