शहर के वकील संजय शर्मा पिछले 28 सालाें से मानसिक राेगियाें की सेवा कर रहे हैं। अब तक वे करीब 600 मनाेराेगियाें का इलाज कराके उन्हें मुख्यधारा में शामिल करा चुके हैं। अब वकील संजय शर्मा पुलिस अफसरों को मेंटल एक्ट शिक्षा दे रहे हैं। ताकि पुलिस अधिकारी कानून की मदद लेकर मानसिक राेगियाें काे इलाज के िलए अस्पताल तक पहुंचाएं। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी द्वारा प्रदेश के अधिकारियाें काे ट्रेनिंग देने के लिए “रिसोर्स पर्सन’’ भी नियुक्त कर दिया है।
बचपन में नानी भगुंता देवी से पागलों को परेशान न करने की सीख को आत्मसात करने के बाद संजय शर्मा ने इनको परेशान न करने की कसम खाने के साथ सेवा करने का संकल्प लिया। एलएलबी करने के बाद वह मानसिक विक्षिप्तों की सेवा कर रहे हैं। बाजारों, गलियों, फुटपाथों में फिर रहे पागलों के पास जाकर उनसे मित्रता करने में उन्हें महारत हासिल हो गई। वह हिंसक विक्षिप्त के पास भी निडर होकर जाते हैं, हमले की चिंता न कर उनसे पहले बातचीत का सिलसिला शुरू करते हैं। इसके बाद उसके दोस्त बन जाते हैं। सालों से जंजीरों में हिंसक पागलों को उन्होंने कुछ देर की दोस्ती में मुक्त कराया, कार्यपालिका व न्यायपालिका के सहयोग से मानसिक आरोग्य शाला पहुंचाकर इलाज कराया। वह अब तक बुंदेलखंड के 600 से अधिक विक्षिप्तों को इलाज कराने के बाद समाज की मुख्य धारा में जोड़ चुके हैं। यहां एक और खास बात उनके साथ जुड़ी है, वह न तो कोई एनजीओ चलाते हैं और न ही किसी प्रकार की सरकारी आर्थिक सहायता लेते है। वह अपने स्वयं के व्यय पर सूचना मिलते ही दूर दराज जाकर विक्षिप्तों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारी बन
सकते हैं एंबेस्डर
संजय शर्मा का कहना है कि मानसिक विक्षिप्ताें की सबसे खराब हालात ग्रामीण इलाकाें में है। जहां कर्इ मरीजाें काे जंजीराें से तक बांध दिया जाता है। पुलिस अधिकारी इन मरीजाें काे अासानी से मुक्त कराके अस्पताल तक भिजवा सकते हैं। इसी कारण उन्हाेंने पुलिस अधिकारियाें काे ही मनाेराेगियाें की मदद के लिए एंबेस्डर के रूप में चुना है। संजय शर्मा बताते हैं कि वह पुलिस अधिकारियों को मेंटल एक्ट के बारे में तो ज्ञान देते हैं। ताकि वे कानून की मदद से मानवता की सेवा कर सकें।
पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम भी
हुए थे काम से प्रभावित
समाज में सबसे हटकर पागलों के लिए कार्य करने पर एडवोकेट संजय शर्मा को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम व पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक शर्मा द्वारा प्रशंसा पत्र मिला है। वर्ष 2009 में शासन द्वारा गोडफ्रे अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 2010 में मध्यप्रदेश शासन ने महर्षि दधीचि सम्मान दिया। 1 जनवरी 2019 को टीकमगढ़ में शासन की ओर से बुंदेलखंड गौरव सम्मान दिया गया, छतरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान छतरपुर गौरव से भी नवाजा गया। इसके अलावा पिछले वर्ष 26 जनवरी को सार्वजनिक समारोह में सम्मानित हो चुके हैं।
एडवोकेट शर्मा पुलिस
अफसरों को दे रहे ज्ञान
मानसिक विक्षप्तों के सेवक के रूप में मशहूर एडवाेकेट संजय शर्मा को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी द्वारा प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को मेंटल एक्ट की शिक्षा देने के लिए नियुक्त किया है। एडवोकेट शर्मा ने 28 सितंबर 2019 को छतरपुर रेंज के 3 जिलों के पुलिस अधिकारियों को मेंटल एक्ट पर टिप्स दिए। 22 अक्टूवर 2019 को पुलिस अकादमी भोपाल में 75 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों को 3 घंटे व्याख्यान दिया। वे अब तक पुलिस अधिकारियाें के तीन बैच काे प्रशिक्षण दे चुके हैं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/chhatarpur/news/mp-news-served-28-years-now-giving-legal-training-to-police-officers-how-to-get-psychiatrists-their-rights-070533-6587495.html
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