Sunday, January 19, 2020

वन विभाग की अनुमति से देवतराघाट मानगढ़ में बन सकता है गौ अभयारण्य

माला जलाशय के वन परिक्षेत्र शून्य नदी किनारे हजारों हैक्टेयर भूमि के खाली मैदान हैं। जिसका उपयोग गौ अभयारण्य के लिए किया जा सकता है। हालही में कांग्रेस सरकार द्वारा गांव-गांव में गौशाला खोलने की कवायद शुरू की गई है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि इस सर्वसुविधायुक्त देवतराघाट में गौ अभयारण्य खोला जाए, जहां पर एक साथ दर्जनों गांव के मवेशियों की सुरक्षित रूप से रखा जा सकता है।

गौरतलब है कि क्षेत्र के किसानों की आवारा मवेशी सबसे बड़ी समस्या है। क्योंकि उनके द्वारा हर साल किसानों की फसलों को नुकसान किया जाता है। इन मवेशियों की तादात क्षेत्र में हजारों में है। इन आवारा मवेशियों से मुक्ति के लिए गांव-गांव में कई सालों से गौशालाओं की मांग चली आ रही है। जहां पर इन्हें सुरक्षित रूप से रखा जा सके। क्षेत्रीय किसान नर्मदा प्रसाद, सूर्यभान ठाकुर ने बताया कि जिले का सबसे बड़ा जलाशय माला मानगढ़ गौ अभयारण्य के लिए सबसे सुविधाजनक स्थान है। जहां पर मवेशियों के चारे, पानी की प्रकृति प्रदत्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। मानगढ़ क्षेत्र अतिप्राचीन शून्य नदी के किनारे पर स्थित है। वर्तमान में इस क्षेत्र में आसपास के गांव के एक दर्जन से अधिक लोग डेरा बनाकर मवेशियों के साथ रहते हैं।

यहां एक किवदंती 18वीं सदी के समय से प्रचलित है। यहां बाबा जानकीदास भ्रमण के लिए आए थे, जिनकी निवास कुटी आज भी देवतरा गांव के पास शून्य नदी के किनारे बाबाजी की कुटी के नाम से मशहूर है। उनकी तपस्या साधना में मच्छरों के द्वारा व्यवधान उत्पन्न हुआ तो उस क्षेत्र को मच्छरों मक्खियों के लिए श्रापित कर दिया। कहा जाता है कि यदि कोई मच्छर मानगढ़ परिक्षेत्र में किसी इंसान या जानवर को काट लेता है तो वह स्वत: ही नष्ट हो जाता है। इस तथ्य का अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण तो सामने नहीं आया है लेकिन यह अपने आप में ही विज्ञान के शोध का विषय है। हम लोग कई सालों से कर रहे मांग: इमलिया सरपंच जमालुद्दीन खान, माला सरपंच कड़ोरी सिंह, बम्होरी दौलत राय, मझगुंवा मानगढ़ मथुरा राय, रीछई बबलू ठाकुर, दयाचंद जैन सगरा सहित अन्य ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा प्रशासन से कई सालों से मांग की जा रही है कि माला मानगढ़ के देवतरा क्षेत्र में गौशाला या गौ अभयारण्य खोला जाए। इससे माला, बम्होरी, इमलिया, महुआखेड़ा, चिलौद, मझगुंवा, सिमरी जालम, सगरा, रीछई गांव के आवारा मवेशियों के लिए जगह मिल जाएगी। हालांकि इसके लिए वन विभाग की अनुमति की आवश्यकता है।

प्रस्ताव आएगा तो भेजेंगे टीम

इस संबंध में डीएफओ विपिन पटेल का कहना है कि अभी तक इस संबंंध में ग्राम पंचायतों से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। यदि प्रस्ताव आता है तो टीम को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही अनुमति दी जा सकती है।

बनवार। शून्य नदी के किनारे देवतरा क्षेत्र में हमेशा ही मवेशियाें का डेरा बना रहता है।



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Banwar News - mp news cow sanctuary can be built in devtaraghat mangadh with the permission of forest department


source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-cow-sanctuary-can-be-built-in-devtaraghat-mangadh-with-the-permission-of-forest-department-062519-6433315.html

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