पूरे प्रदेश में वेतन को लेकर सचिव परेशान कई जगह तो 5 से वेतन के लाले
प्रदेश में पंचायत सचिवों को 3 से 5 माह तक का वेतन भुगतान नहीं हुआ हैं। जिन पंचायत सचिवों ने बैंकों से ऋण ले रखा है उनके द्वारा फायनेंस कराई गई टू-व्हीलर, मकान की मासिक किश्तों की अदायगी नहीं होने पर बैंकों का सरचार्ज चालू हो गया है।
वहीं बच्चों के स्कूल की फीस, घर खर्च आदि को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष बृज रघुवंशी ने बताया कि पंचायत सचिवों के साथ वचन पत्र में शामिल मांगो को लेकर कोताही और अन्याय हो रहा है। इसे पंचायत सचिव संगठन की कमजोरी न समझी जाएं। 5 माह से प्रदेश की 70-80 प्रतिशत जनपदों की ग्राम पंचायतों में सचिवों को वित्त विभाग के आवंटन के आभाव में वेतन नहीं मिलने से प्रदेश के हजारों पंचायत सचिव परेशान हो रहे हैं। संगठन के मीडिया प्रभारी शिवप्रताप सिंह बागड़ी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 5 फरवरी को प्रदेश अध्यक्ष मंत्रालय में उपवास पर बैठेंगे। संगठन के प्रदेशअध्यक्ष दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री व अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या हमें अपने वेतन के लिए आपके सामने आंदोलन करना पड़ेगा। कहा है कि वेतन भुगतान के लिए हर तीन माह में पंचायत राज संचालनालय और मंत्रालय के सैकड़ाें बार चक्कर काटने पड़ते हैं। जबकि पूरे प्रदेश में ग्लोबल विकास अकाउंट से अध्यापकों, पटवारियों, सभी संवर्ग के कर्मचारियों को महीने की 1 तारीख को वेतन भुगतान करने का प्रावधान किया गया हैं।
पंचायत सचिव संगठन ने मांग की है कि बड़ी विसंगती का हल कराकर ग्लोबल अकाउंट से नियमित भुगतान की व्यवस्था की जाए। अन्यथा 5 फरवरी से आंदोलन किया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/guna/news/mp-news-panchayat-secretaries-did-not-get-salary-for-3-months-will-sit-in-the-ministry-on-february-5-072536-6511227.html
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