Friday, January 3, 2020

किसान बोला- 200 रु क्विंटल कमीशन पर घटिया कपास खरीद रहे अफसर, मंडी अफसर बोले- नाम बताओ जूता मारूंगा उसे

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

समर्थन मूल्य के मापदंड से ज्यादा नमी बताकर कपास नहीं खरीदी जाने पर शुक्रवार को रेणुका माता मंडी में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। एक किसान ने कहा मंडी के अफसर 200 रुपए क्विंटल कमीशन पर घटिया कपास खरीद रहे हैं। रुपए लेने के आरोप पर मंडी के अफसर कुछ दलालों पर गुस्साए। इस पर किसान, दलाल और अफसरों में जमकर बहस हुई।

शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे कपास की नीलामी के लिए भारतीय कपास निगम लिमिटेड, जिनिंग फैक्ट्री मालिक और व्यापारी मंडी पहुंचे। गाइड लाइन को शिथिल कराने के लिए प्रगतिशील किसान संगठन के पदाधिकारी भी आए। इस बीच लालबाग के सुनील भिसे ने कहा सीसीआई के अफसरों की दलालों से मिलीभगत है। 100 से 200 रुपए क्विंटल कमीशन पर दलाल घटिया माल बेच रहे हैं और किसानों के नाम नीलामी में शामिल किए बिना तौल रहे हैं। वाहन सीधे सीसीआई के शेड में खाली करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस पर गुस्साए मंडी कर्मचारी सुनील पाटील बोले तुम खुद दलाल हो, दूसरों का नाम क्या बताते हो। किसने लिए पैसे, बता उसका नाम, ये जूता मारूंगा उसको। मंडी वालों पर पैसे लेने की बात मत करना। सुनील ने कहा सबूत के साथ आऊंगा और उसका नाम भी बताऊंगा। किसानों के माल में नमी बताकर रिजेक्ट कर रहे हैं। इस बीच एक और दलाल अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाने लगा। बीचबचाव कर किसानों ने दोनों को शांत कराया।

किसानों का गुस्सा फूटा सीसीआई की गाइड लाइन को शिथिल कराने के लिए रेणुका कपास मंडी पहुंचे प्रगतिशील किसान संगठन पदाधिकारी

कपास खरीदी को लेकर किसान, अफसर और दलालों के बीच हुई बहस

कपास खरीदी पर किसान और मंडी कर्मचारियों में बहस हो गई।

4300 रु. क्विंटल में खर्च भी नहीं निकल पाएगा

अजनार के किसान गोपाल चौधरी ने कहा एक क्विंटल कपास चुनाई के एक हजार रुपए लग रहे हैं। 1500 रुपए गाड़ी भाड़ा और भराई के 400 रुपए खर्च हो गए। नीलामी में 4300 रुपए भाव बोल रहे हैं। ऐसे में खर्च भी नहीं निकल पाएगा।

जिनिंग फैक्ट्रियों से टेंडर नहीं हो पाया है। ज्यादा नमी की कपास ली तो घट आएगी। उसे कौन भरेगा। यदि मंडी प्रबंधन या कलेक्टर कार्यालय से लिखकर घट की जिम्मेदारी लेने पर सीसीआई माल खरीद लेगा। -सरजीत गुर्जर, नोडल अधिकारी, भारतीय कपास निगम लिमिटेड, बुरहानपुर

इधर... 70% बिचौलिए किसानों के नाम पर मंडी में बेच रहे कपास

पर्याप्त मुनाफा नहीं मिलने पर किसान घर बैठे ही बिचौलियों को बेच रहे कपास

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

रेणुका कपास मंडी में नीलामी के लिए 70 फीसदी बिचौलिए किसानों के नाम पर कपास बेचने पहुंच रहे हैं। किसान बनकर घटिया कपास खरीदी के लिए सीसीआई पर दबाव बना रहे हैं। समर्थन मूल्य की खरीदी की तरह पारदर्शिता नहीं होने से यह खेल चल रहा है।

नमी और हल्का रंग होने से कपास पर पर्याप्त मुनाफा नहीं मिलने के कारण किसान घर बैैठे ही बिचौलियों को उपज बेच रहे हैं। ये बिचौलिए करीब तीन महीने से किसानों के नाम पर खंडवा, खरगोन, हरदा और अब बुरहानपुर की मंडी में कपास बेच रहे हैं। कपास खराब आने से सीसीआई के मापदंडों में नहीं बैठ रहा है। किसान बनकर बिचौलिए आरोप-प्रत्यारोप लगाकर खरीदी के लिए दबाव बना रहे हैं। मंडी के अफसर भी मान रहे हैं कि बिचौलिए मंडी में सक्रिय हैं। वे ऑनलाइन दस्तावेज या मिलान करने की प्रक्रिया नहीं होने का फायदा उठा रहे हैं।

2011-12 में 60 हजार क्विंटल, पिछले साल सिर्फ 300 क्विंटल कपास खरीदी

वर्ष 2011-12 में सीसीआई ने सबसे ज्यादा 60 हजार क्विंटल कपास खरीदी थी। खरीदी की गाइड लाइन सख्त होने पर करीब सात साल तक खरीदी नहीं हो पाई। इस बीच करीब चार अफसर बुरहानपुर से जा चुके हैं। पिछले साल नमी ज्यादा होने की वजह से सीसीआई ने सिर्फ 300 क्विंटल ही कपास खरीदी। इस बार नियमों में शिथिलकरण कर ढाई हजार क्विंटल कपास खरीदी की गई है। जिनिंग फैक्ट्रियों से अनुबंध नहीं होने के कारण कपास खंडवा भेज रहे हैं। सीसीआई अफसरों के अनुसार 8 से 12% नमी वाली कपास 5232 रुपए और इससे कम नमी पर 5400 रुपए प्रति क्विंटल ले रहे हैं। ठंड बढ़ने से 18 प्रतिशत तक कपास में नमी आ रही है।



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Burhanpur News - mp news farmer said officer buying substandard cotton at rs 200 quintal commission market officer said name me i will beat him
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source https://www.bhaskar.com/mp/burhanpur/news/mp-news-farmer-said-officer-buying-substandard-cotton-at-rs-200-quintal-commission-market-officer-said-name-me-i-will-beat-him-065541-6310574.html

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