Saturday, December 21, 2019

धसान और सपरार नदियों से अवैध रेत उत्खनन जारी,माफिया ने घरों और खेतों में बना लिए डंप

छह महीने से बंद डली जिले की रेत खदानों से उत्खनन करने वाले माफिया पर अधिकारी कार्रवाई करने में अब तक नाकाम रहे हैं। जिले के पलेरा की धसान और चंदेरा के मैंदवारा गांव की सपरार नदी और उपरारा घाट से माफिया ने अवैध रेत खोदकर इन्हें खोखला बना दिया है। अधिकारियों को खनन की जानकारी होने के बाद भी बीते छह महीने में कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। कहने को जिले की 22 रेत खदानों में से 21 रेत खदानें शासन के आदेश पर बंद डली है, लेकिन इन रेत खदानों से अवैध उत्खनन का कारोबार लगातार जारी है।

रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि नदी के किनारों के अलावा घरों और खेतों में भी रेत के डंप बना दिए हैं। चंदेरा के मैंदवारा, जेवर, हरकरपुरा और उपरारा गांव में करीब 40 फीसदी लोग घरों पर रेत के डंप बनाए हुए हैं। वहीं पलेरा की गौना करोला खदान से खनन आज भी जारी है। इन क्षेत्रों की सीमा उप्र के कई जिलों से लगी हुई है। ऐसे में ये रेत माफिया नियम-कानून को अनदेखा कर बड़े पैमाने पर रेत का खनन कर रहे हैं। वहीं तीन माह पहले जिले में स्थानांतरित होकर आए खनिज अधिकारी बंद रेत खदानों से हो रहे अवैध रेत के खनन को रोकने में नाकाम रहे हैं। माफिया की ऊंची पहुंच होने के चलते जिले के जिम्मेदार अधिकारी इन पर हाथ डालने से भी डरते हैं। ग्रामीण इलाकों के पास रेत खनन कर रही बड़ी-बड़ी मशीनों की गूंज आम आदमी को तो सुनाई देती है, लेकिन प्रशासनिक अफसर रेत खनन कर रही मशीनों की आवाज को नहीं सुन पाते। अब देखना है कि प्रदेश के मुखिया सीएम कमलनाथ ने माफिया पर कार्रवाई करने की जो बात प्रशासनिक अधिकारियों से कही है। उसका जिले में क्या नतीजा निकलता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश सरकार ने अभी हाल ही में खदानें वितरित की हैं। फिर ऐसे में इन खदानों से किसके इशारे पर खनन किया जा रहा है।

जिले में नदी और नालों से अवैध रेत खनन को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला है लेकिन सत्ताधारी पार्टी का समर्थन मिलने से इन रेत माफिया के हौसले सातवें आसमान पर रहते हैं। बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रेत इकट्ठा किए गए ठिकानों पर खनिज विभाग कार्रवाई करने से कतराता है। कई बार विभाग कार्रवाई करता भी है लेकिन रेत माफिया इतने रसूखदार हैं कि उनकी सेहत पर इसका कोई असर होता नहीं दिखता।

मैंदवारा के 40 फीसदी घरों में हो रही अवैध रेत डंप

चंदेरा थाना अंतर्गत मैंदवारा हार के पास सपरार नदी से गांव के लोग रात-दिन रेत खनन करने में लगे हैं। यहां के करीब 40 फीसदी लोग दिन में मजदूर लगाकर नदी से रेत का खनन करते हैं। वहीं समय मिलते ही जेसीबी का सहारा लेकर नदी के सीने को खोखला कर रहे हैं। इस गांव में अधिकांश लोगों के घरों में रेत के डंप दिखाई देते हैं। माफिया रात का फायदा उठाकर अवैध रेत का परिवहन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गांव में खनिज विभाग की अब तक कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। लोगों के घरों में रेत के डंप से बड़े वाहनों और ट्रैक्टर-ट्राॅली के माध्यम से रेत का परिवहन उप्र के कई जिलों में किया जा रहा है। चंदेरा के मैंदवारा के अलावा जेवर, उपरारा सहित हरकनपुरा गांव से रेत का अवैध उत्खनन कर रेत उप्र पहुंचाई जा रही हैं।

रेत का अवैध उत्खनन कर अंधेरे में परिवहन कर उप्र भेजी जा रही

टीकमगढ़। चंदेरा के मैंदवारा गांव के पास सपरार नदी से जेसीबी से रेत खनन करते माफिया।

पलेरा। टैक्टर की ट्रालियों में ओवर लोडिंगकर रेत का अवैध परिवहन करते रेत माफिया।

खदान से निकली 35 सौ रु. की ट्राॅली छतरपुर पहुंचते-पहुंचते हो जाती है 14 हजार की

पवन सिंग्या। पलेरा

पलेरा से करीब 15 किमी दूर धसान नदी पर बेला और गौना करोला गांव के पास रेत का अवैध तरीके से उत्खनन जारी है। जिसे रोकने में प्रशासनिक अधिकारी अब तक नाकाम रहे हैं। खनिज माफिया इतने सक्रिय हंै कि यहां पर दिन दहाड़े और रात के अंधेरे में रेत खनन कर छतरपुर और उप्र के कई जिलों में रेत सप्लाई कर रहे हैं। बिना रायल्टी और पिटपास के ये वाहन रेत भरकर शहर आैर ग्रामीण इलाकों में बेधड़क दौड़ रहे हैं।

रेत के कारोबारी ने बताया कि खदान से ट्रैक्टर की ट्रॉली ओवर लोड करीब 350 फिट माल भरकर करीब 35 सौ रुपए में निकलती है, इस ट्रैक्टर का चालक रास्ते में आने वाले ठिकानों पर सेवा शुल्क देता हुआ जब छतरपुर पहुंचता है तो इसी 35 सौ रुपए की ट्राॅली का रेट करीब 14-15 हजार रुपए हो जाता है। ऐसे में यह रेत के माफिया बिना रायल्टी और पिटपास के खनन करके सरकार को बीते छह माह में 2-3 करोड़ की चपत लगा चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि इस खदान से प्रतिदिन 50 से अधिक ट्रैक्टर ओवरलोड होकर बाहर निकलते हैं। जो रात के अंधेरे में छतरपुर और उप्र के सरहदी इलाकों में प्रवेश कर जाते हैं।

  प्रशांत तिवारी, खनिज अधिकारी

सवाल : आपने खनिज अधिकारी के रूप में कब कार्यभार संभाला, अब तक की कोई बड़ी कार्रवाई रेत माफिया पर जो आपने की हो?

जवाब : करीब तीन महीने पहले कार्यभार संभाला है। ज्वाइनिंग के बाद कार्रवाई तो लगातार जारी है, अब ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई याद नहीं।

सवाल : चंदेरा के पास मैंदवारा और पलेरा के पास गौना करोला गांव में अवैध रेत का खनन जारी है, यह रेत खनन किसके आदेश पर हो रहा है?

जवाब : इन गांव में रेत खनन का कोई आदेश नहीं है। यहां पहले कार्रवाई की जा चुकी है। अगर अब भी रेत खनन जारी है तो कार्रवाई करेंगे।

सवाल : हर बार जल्द कार्रवाई करने की बात कही जाते हैं, लेकिन बड़ी कार्रवाई रेत माफिया पर अब तक देखने नहीं मिली, ऐसा क्यों?

जवाब : बड़ी कार्रवाई हुई है और आगे भी जारी रहेंगी। सीएम के आदेश के बाद रेत माफिया पर सख्त कार्रवाई होगी।



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Chhatarpur News - mp news illegal sand quarrying continues from dhasan and saprar rivers mafia dumped in homes and fields
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source https://www.bhaskar.com/mp/chhatarpur/news/mp-news-illegal-sand-quarrying-continues-from-dhasan-and-saprar-rivers-mafia-dumped-in-homes-and-fields-070510-6232021.html

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