मांडू. मांडू के इतिहास से जुड़ा खुरासानी इमली का पेड़ मांडू उत्सव का लोगो बना है। इसमें प्राचीन स्मारकों के चित्र भी इस पेड़ में उकेरे गए हैं, जो आकर्षण का केंद्र है। साउथ अफ्रीका से लाया गया यह पौधा आज मांडू में खुरासानी इमली के नाम से जाना जाता है। जिसे विदेशों में बॉब कहा जाता है। मांडू उत्सव में यह पेड़ आकर्षण का केंद्र है।
दिल्ली गाजियाबाद के जाने माने कलाकारों ने इन पेड़ों को सजाया है। अनुभवी कलाकार रईसुद्दीन के साथ चार अन्य कलाकारों ने इन्हें पेड़ों को डेकोरेट किया। पीला, गुलाबी, लाल, हरा, शतश्री रंगों के ऊन से इन पेड़ों को सजाया गया है। एक 1 पेड़ को सजाने में इन्हें पूरा दिन लगता था। इस पर 5 रंगों से इसकी जड़ और तने को सजाया गया है। दूसरी ओर उनकी इमली बनाकर पेड़ की डगाल पर टांगी गई है।
पांच रंग को पांच कलाकारों ने बनाया आकर्षक
रईसुद्दीन उनके साथ पप्पू जमशेर, वसीम, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद आमिर, यह पांच कलाकार दिल्ली गाजियाबाद से मांडू इन्हें सजाने पहुंचे थे। उत्सव के लिए इन्होंने आठ पेड़ों को अपनी कला से सजाया।
पहली बार मिला मौका-रईसुद्दीन
देश के जाने-माने कलाकार रईसुद्दीन ने बताया कि अभी तक कई आर्ट के कार्य किए हैं, लेकिन पहली बार इस पेड़ को सजाने का मौका मिला। काम पूरा करने के बाद वाकई में मन को खुशी मिल रही है। कितना प्राचीन पेड़ है और इसे ऐसे ही सहेजा जाए तो यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है। वाकई में पुराने शासकों ने मांडू को अद्भुत तोहफा दिया है, जिसे सहेजना चाहिए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/mandu-utsav-december-28-latest-news-on-festival-khorasani-imli-tree-126399333.html
No comments:
Post a Comment