नटेरन में 100 टन की डिमांड है, लेकिन नहीं मिला: नटेरन सेवा सहकारी समिति और क्षेत्र में 30 अक्टूबर से यूरिया नहीं पहुंचाया गया है। जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं यूरिया भेजा जा रहा है। नटेरन सोसायटी से 100 टन की डिमांड भेजी है जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई। 25 टन यूरिया आया था जो बंट चुका है।
गंजबासौदा में सिंचाई के समय ज्यादा जरूरत: किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने के लिए एमपी एग्रो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक किसानों को 6765 बोरी यूरिया उपलब्ध कराया है। एमपी एग्रो के कर्मचारी तोरण सिंह बघेल ने बताया कि डिमांड के अनुसार यूरिया मिलता ही नहीं। वर्तमान में जितना भेजा जा रहा है हाथों-हाथ बिक रहा है। सिंचाई के सीजन में डिमांड ज्यादा है। वहीं बाजार में यूरिया किसानों को महंगे दामों पर मिल रहा है। वहीं उनको ग्रोमोर या सल्फर की बोरी के साथ अधिकृत विक्रेता खरीदने मजबूर कर रहे हैं। रवि फसल की सिंचाई प्रारंभ सिंचाई के साथ किसान खेतों में यूरिया डाल रहे हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/vidisha/news/mp-news-no-one-can-tell-how-long-will-come-in-sironj-072201-5990271.html
No comments:
Post a Comment